रायपुर जिले के खरोरा के जिला सहकारी बैंक के अंतर्गत धान खरीदी केंद्रों में बड़ा घोटाला सामने आया है। पचरी प्राथमिक कृषि सहकारी समिति में 425.22 क्विंटल धान गायब पाया गया है। इसकी बाजार कीमत लगभग 10 लाख रुपए है। समिति में 14 नवंबर 2024 से 31 जनवरी 2025 तक किसानों से 54,073.20 क्विंटल धान की खरीदी की गई। मिलर्स द्वारा 3 अप्रैल 2025 तक 53,647.98 क्विंटल धान का उठाव किया गया। इसके बाद स्टॉक में 425.22 क्विंटल धान कम पाया गया। सहकारिता विस्तार अधिकारी शशांक बल्लेवार ने जांच कर 17 अप्रैल 2025 को रिपोर्ट जिला सहकारी बैंक के ब्रांच मैनेजर भारत साहू को सौंपी। जांच में समिति प्रबंधक कमल नारायण कोसले को कार्यमुक्त करने और FIR दर्ज करने की अनुशंसा की गई। लेकिन डेढ़ माह बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। खरोरा ब्रांच के अधीन 14 समितियों में से 11 में धान स्टॉक सही पाया गया। लेकिन 3 केंद्रों में गड़बड़ी मिली। पचरी में 425.22 क्विंटल, छड़िया में 482.80 क्विंटल और माठ में 455.80 क्विंटल धान कम पाया गया। जांच अधिकारी ने तीनों केंद्रों के प्रबंधकों को कार्यमुक्त करने की सिफारिश की है। जनपद पंचायत तिल्दा सरपंच संघ अध्यक्ष अभिषेक वर्मा का आरोप है कि उच्च अधिकारियों के संरक्षण में समिति प्रबंधक ने यह घोटाला किया है। उन्होंने कार्रवाई की मांग की है और कहा है कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो सड़क पर आंदोलन किया जाएगा। वहीं इस संदर्भ मे सहकारिता विस्तार अधिकारी शशांक बल्लेवार ने कहा की मैंने जांच कर रिपोर्ट जिला सहकारी बैंक खरोरा शाखा को दे दी है। कार्रवाई करना उनकी जवाबदारी है जिला सहकारी बैंक खरोरा के ब्रांच मैंनेजर भरत साहू ने अपना पल्ला झाड़ते हुए कहा कि मैंने प्राधिकृत अधिकारी को कार्रवाई के लिए लेटर जारी कर दिया है। वहीं इस संदर्भ में मनोनीत अधिकारी दाऊलाल वर्मा ने कहा कि FIR करवाना और समिति प्रबंधक को बर्खास्त करने का अधिकार भरत साहू को है।


