पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने राज्य सरकार के हालिया बजट को पूरी तरह दिशाहीन और जनविरोधी बताते हुए कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि यह सरकार का तीसरा बजट है, लेकिन अब तक प्रदेश में विकास का कोई ठोस असर नजर नहीं आ रहा है। खाचरियावास बोले- जयपुर के करीब ₹3000 करोड़ के विकास प्रोजेक्ट रद्द किए
खाचरियावास ने आरोप लगाया कि बिना पर्याप्त चर्चा के बजट पेश कर सरकार ने लोकतांत्रिक परंपराओं की अनदेखी की है। उन्होंने कहा कि जयपुर के करीब ₹3000 करोड़ के विकास प्रोजेक्ट रद्द कर दिए गए, जो शहर को आगे ले जा सकते थे। अब सरकार केवल खोखले वादे कर जनता को गुमराह कर रही है। “युवाओं को नौकरी चाहिए, जुमले नहीं- खाचरियावास
उन्होंने रोजगार के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा- प्रदेश के लाखों संविदा कर्मचारी वर्षों से नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं, लेकिन बजट में उनके लिए कोई ठोस नीति नहीं बनाई गई। उन्होंने कहा- युवाओं को नौकरी चाहिए, जुमले नहीं। आम आदमी की आय घट रही है, जबकि खर्च लगातार बढ़ रहा : खाचरियावास
महंगाई, पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की अनदेखी को लेकर भी खाचरियावास ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा- आम आदमी की आय घट रही है, जबकि खर्च लगातार बढ़ रहा है। बजट में इससे राहत देने के लिए कोई प्रभावी प्रावधान नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बजट केवल आंकड़ों और घोषणाओं तक सीमित है, जबकि जमीनी हकीकत इससे अलग है। किसानों, मजदूरों, युवाओं और मध्यम वर्ग को इससे कोई सीधा लाभ नहीं मिला है। खाचरियावास ने सरकार से मांग की कि वह घोषणाओं की राजनीति छोड़कर धरातल पर काम करे और जनता को समयबद्ध, पारदर्शी और ठोस परिणाम दे, ताकि प्रदेश में वास्तविक विकास हो सके।


