मंगलवार को राष्ट्रीय खादी व सरस महोत्सव के समापन समारोह में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव न केवल हमारी संस्कृति और परंपराओं का प्रतीक है, बल्कि ग्रामीण विकास और स्वरोजगार के लिए एक सशक्त मंच भी है। उन्होंने खादी को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सिद्धांतों का प्रतीक बताते हुए कहा कि खादी आत्मनिर्भरता और श्रम की गरिमा का प्रतिनिधित्व करती है । यह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का प्रतीक रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान ‘खादी फॉर नेशन, खादी फॉर फैशन’ का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में खादी को वैश्विक स्तर पर पहचान मिली है। खादी को जन आंदोलन बनाने की उनकी पहल से ग्रामीण कारीगरों और श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। उन्होंने इसमें भाग लेने वाले बुनकरों, हस्तशिल्पियों और कारीगरों को बधाई दी। उन्होंने आम लोगों से खादी उत्पादों को अपनाने का आह्वान किया। मंत्री, सांसद और विधायक ने भी रखे विचार ये भी रहे मौजूद : समापन समारोह में उद्योग विभाग सचिव जितेंद्र सिंह, राज्यपाल के प्रधान सचिव नितिन मदन कुलकर्णी, सुशांत गौरव, कल्पना, आकांक्षा रंजन, सुमन पाठक के अलावा कई मौजूद थे। अंतिम दिन बड़ी संख्या में लोगों ने मेले में खरीदारी की। महिला स्टॉलधारक को सम्मानित करते राज्यपाल।


