खाद पर चर्चा के दौरान हंगामा, विपक्ष का वॉकआउट:कार्यवाही कल तक स्थगित; 7 विधेयक पारित; अमित शाह के बयान पर फिर हंगामा

मध्यप्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन गुरुवार को खाद को लेकर चर्चा के दौरान जमकर हंगामा हुआ। करीब 4 घंटे चली चर्चा के दौरान पक्ष-विपक्ष के सदस्यों ने अपनी बात रखी। कांग्रेस ने किसानों को खाद नहीं मिलने और खाद की कालाबाजारी होने का आरोप लगाया। वहीं सरकार की ओर से कहा गया कि खाद का कोई संकट नहीं है। सरकार की ओर से दिए जवाब से असंतुष्ट होकर कांग्रेस ने जमकर नारेबाजी की और सदन से वॉकआउट कर दिया। विपक्ष के हंगामे के चलते विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। विधानसभा की कार्यवाही गुरुवार रात करीब 9.30 बजे तक चली। इससे पहले बाबा साहब अंबेडकर को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर गुरुवार को भी विधानसभा में विपक्ष ने हंगामा किया। विपक्ष ने अमित शाह से माफी मांगने की मांग की। कांग्रेस ने शुक्रवार को संसद में हुई धक्का-मुक्की की घटना पर भी चर्चा की मांग की। हालांकि अध्यक्ष ने इससे इंकार कर दिया। शीतकालीन सत्र के चौथे दिन की 4 खास बातें नेता प्रतिपक्ष बोले- खाद है तो लाइन क्यों लग रही
खाद पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा- सरकार कहती है कि हमारे पास खाद है तो लाइन क्यों लग रही है? किसान अपनी फसल उगाने के लिए खाद मांगता है, जो नहीं मिल पा रही है। सिंगार ने कहा कि अगर सरकार पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध करा रही है तो किसान परेशान क्यों है? इसका मतलब है कि कालाबाजारी हो रही है, पर कार्रवाई नहीं हो रही है। कर्ज और खाद के कारण किसान आत्महत्या न करें, ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए। कृषि मंत्री बोले- खाद को लेकर कोई दिक्कत नहीं
किसान कल्याण मंत्री एदल सिंह कंसाना ने खाद पर चर्चा के बाद सरकार की ओर से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सरकार के पास पर्याप्त मात्रा में खाद है, चूंकि यूक्रेन युद्ध के चलते 25 दिन देरी से आया,‌‌ इसलिए व्यवस्था में थोड़ी दिक्कत हुई है। मंत्री ने कहा कि सरकार किसानों की जरूरत के प्रति बहुत संवेदनशील है। प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं थी और न ही अभी कोई दिक्कत है। सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि 25 में से 5 से 7 विधायकों ने ही खाद के संकट पर बात की है। प्रदेश में कभी भी खाद का संकट नहीं रहा। कांग्रेस के समय में थानों से संगीनों के साए में खाद बंटती थी, जबकि भाजपा सरकार में समिति से खाद बांटी जाती है। अमित शाह के बयान पर लगातार दूसरे दिन हंगामा संसद में बाबा साहब अंबेडकर को लेकर दिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर मध्यप्रदेश विधानसभा में गुरुवार को भी हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायकों ने अंबेडकर की फोटो हाथों में लेकर जमकर नारेबाजी की। शाह के बयान को डॉ. अंबेडकर का अपमान बताया और अमित शाह से माफी मांगने की मांग की है। इससे पहले दोपहर में लंच के बाद सदन की कार्यवाही शुरू होने पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने संसद में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ हुई धक्का-मुक्की और राहुल गांधी पर लगाए गए आरोप पर चर्चा की मांग की। इस पर अध्यक्ष ने इनकार कर दिया‌। सत्ता पक्ष से मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल और राकेश सिंह ने इसका विरोध किया। मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि वस्तु स्थिति मीडिया में चल रही है कि वहां संसद में जो नेता प्रतिपक्ष हैं उन्होंने भाजपा सांसद को धक्का दिया। यह शर्मनाक बात है। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार से इस बात के लिए माफी मांगने की मांग की। इसके बाद कांग्रेस ने सदन से वाक आउट कर दिया। जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार के आरोप
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा- बीजेपी सरकार ने कहा था कि घर-घर पेयजल पहुंचाएंगे। लेकिन इनकी जल जीवन मिशन योजना के तहत लगे नलों में केवल हवा आ रही है, पानी नहीं। सरकार ने इसमें हजारों-करोड़ों का घोटाला किया है। गुजरात के ठेकेदारों को फायदा पहुंचाया। विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन की कार्यवाही के मिनट-टू-मिनट अपडेट के लिए नीचे दिए ब्लॉग से गुजर जाइए..

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