पुलिस कर्मियों ने ढाबे पर खाना खाने के बाद जब मालिक ने पैसे मांगे तो उन्होंने उसकी जमकर पिटाई कर दी। इतना ही नहीं, गुस्साए पुलिसकर्मी ढाबा मालिक को जबरन अपनी गाड़ी में डालकर थाने ले गए। आरोप है कि थाने में भी पुलिसकर्मियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ और उन्होंने ढाबा मालिक के साथ दोबारा मारपीट की। हमले में ढाबा मालिक के सिर और कान से खून बहने लगा। हालात बिगड़ते देख अन्य पुलिस कर्मियों को बीच-बचाव करना पड़ा और घायल होटल मालिक प्रदीप को तत्काल अस्पताल में भर्ती करवाया गया। मामला रविवार रात को 10.30 बजे खैरथल तिजारा जिले के भिवाड़ी का है। मामले में एसपी ज्येष्ठा मेत्री ने पांचों पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। पांचों को पुलिस लाइन भेजा गया है। मारपीट को लेकर ढाबा मालिक ने कहीं ये 3 बड़ी बातें… 1. 3 पुलिसकर्मियों ने शराब पीकर खाना खाया
ढाबा मालिक प्रदीप कुमार ने बताया- भिवाड़ी थाने के कॉन्स्टेबल शांतिलाल, समय सिंह और राम सिंह रविवार रात को 10.30 बजे के करीब फूलबाग स्थित हमारे दिलखुश ढाबे पर पहुंचे। तीनों पुलिसकर्मियों ने ढाबे के सामने गाड़ी में बैठकर शराब पार्टी की और उसके बाद शराब के नशे में खाना खाया। खाना खाकर जैसे ही जाने लगे तो मैंने पुलिस कर्मियों से खाने के ₹230 मांगे। तीनों पुलिसकर्मियों ने पैसे देने से मना कर दिया। इसके बाद मैंने छूट देकर 150 रुपए मांगे। इस पर पुलिसकर्मियों ने उखड़ते हुए बात की और मेरे साथ मारपीट शुरू कर दी। पुलिसकर्मी शांतिलाल ने भिवाड़ी थाने में गाड़ी ड्राइवर अमराराम को फोन किया। जिसके बाद पुलिस की गाड़ी से अमराराम अपने साथ थाने से एएसआई सुरेंद्र सिंह के साथ ढाबे पर पहुंचे। 2. मारपीट कर गाड़ी में डाला
इसके बाद पांचों पुलिसकर्मियों ने मेरे और मेरे वर्कर्स के साथ मारपीट शुरू कर दी। गाली गलौज करते हुए मुझे और मेरे मामा हुकमसिंह को जबरदस्ती गाड़ी में डाल दिया। थाने ले जाकर पुलिस कर्मियों ने थाना अधिकारी के केबिन के सामने ही सीढ़ियों पर पटक कर होटल मालिक को बुरी तरह पीटा। 3. सीढ़ियों से दे मारा सिर
होटल की मारपीट के वीडियो डिलीट करने के लिए कॉन्स्टेबल शांतिलाल ने टॉर्चर करते हुए मेरी गर्दन अपने पैरों के नीचे दबाई और मोबाइल के पासवर्ड पूछे। मोबाइल पासवर्ड लेकर बनाई हुई फोटो वीडियो डिलीट कर दी। कॉन्स्टेबल ने मेरा सिर सीढ़ियों में दे मारा। जिससे सिर और कान के पास गहरी चोट लग गई और खून बह निकला। मामला बढ़ता हुआ देख अन्य पुलिस कर्मियों ने बीच बचाव किया और मुझे अस्पताल ले गए, यहां प्राथमिक उपचार के बाद रात को छुट्टी दे दी। पांचों पुलिसकर्मी सस्पेंड, डीएसपी को सौंपी जांच
भिवाड़ी एसपी ज्येष्ठा मैत्रेयी ने बताया कि मामला संज्ञान में आते ही तुरंत प्रभाव से पांचों पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मचारियों की इस तरह की हरकत किसी भी तरह से बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पूरे मामले की जांच भिवाड़ी डीएसपी कैलाश चौधरी को सौंपी गई है। एसपी ने चेतावनी दी कि डीएसपी मामले की पूरी जांच कर रिपोर्ट पेश करेंगे और आगे भी विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर भिवाड़ी पुलिस जिले में इस तरह की हरकत आगे भी कोई पुलिसकर्मी करता है तो उसके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।


