हरदा जिले के रहटगांव वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाली वन समिति खुमी के ग्रामीण सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने अपने हक की लाभांश राशि दिए जाने की मांग को लेकर नायब तहसीलदार हिमांशु परते को कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ग्राम खुमी के ग्रामीणों का आरोप है कि वन सुरक्षा समिति खुमी को कक्ष क्रमांक 215, 216, 217, 218, 221 और 222 आवंटित हैं। इन कक्षों में लकड़ी की कटाई के बाद समिति के सदस्यों को लाभांश राशि मिलनी थी। वर्ष 2025 में कक्ष क्रमांक 216 और 217 में कूप क्रमांक 3 खुमी में दो कूपों की कटाई की गई थी, जिससे खुमी वन समिति के सदस्यों को दोनों कूपों का काष्ट लाभांश प्राप्त होना था। ग्रामीणों के अनुसार, परिक्षेत्र अधिकारी ने बिना उनकी सहमति के, दोनों में से एक कूप की राशि वन सुरक्षा समिति केलझीरी के खाते में जमा करा दी। ग्रामीणों का कहना है कि यह समिति के नियमानुसार नहीं है और इससे वन ग्राम खुमी के समिति सदस्यों में निराशा है। आरोप- पहले भी गड़बड़ी हो चुकी
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि पूर्व में भी बीट खुमी के अंतर्गत कूप क्रमांक 1 खुमी, 1 केलझिरी और 2 खुमी, तीनों कूपों की कटाई की गई थी। कटाई के बाद समिति को तीनों कूपों की राशि प्राप्त होनी थी, लेकिन समिति को केवल 4 लाख 96 हजार रुपए ही प्राप्त हुए। समिति के नियमानुसार, काष्ट लाभांश का 50 प्रतिशत नगद वितरण समिति सदस्यों को, 25 प्रतिशत ग्राम विकास और 25 प्रतिशत वानिकी कार्यों के लिए उपयोग किया जाता है। विगत कूपों की राशि प्राप्त न होने से वानिकी और विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। जांच का आश्वासन मिला
ग्रामीणों ने वरिष्ठ अधिकारियों से इस मामले पर ध्यान देने का आग्रह किया है। उन्होंने मांग की है कि वन सुरक्षा समिति खुमी की जो राशि केलझीरी समिति में चली गई है, उसे पुनः वन सुरक्षा समिति खुमी के खाते में जमा कराया जाए। मामले पर नायब तहसीलदार हिमांशु परते ने कहा कि उन्हें शिकायत मिली है और जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, रहटगांव रेंज के रेंजर प्रेमलाल धुर्वे ने बताया कि डीएफओ ने एक समिति को एक कूप की काष्ट राशि दिए जाने के निर्देश दिए थे। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि एक कूप की काष्ट का भुगतान लगभग 42 लाख रुपए है। अतः एक कि राशि तो वन सुरक्षा समिति के खाते में जमा करा दी गई है। लेकिन वन सुरक्षा समिति खुमी के सदस्य दूसरे कूप की कटाई की राशि भी मांग रहे है।


