‘खूनी-हाईवे’ पर चिढ़े कृषि मंत्री, भास्कर के सवाल पर झल्लाए:कहा- सरकार की आलोचना आदत बन गई; बार-बार हादसों के बाद भी हाईवे बजट से बाहर

भिंड में केंद्रीय बजट 2026-27 की खूबियां गिनाने आए मध्यप्रदेश सरकार के कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना मंगलवार दोपहर मीडिया के सवालों पर भड़क गए। मामला नेशनल हाईवे-719 (भिंड-ग्वालियर) से जुड़ा था, जिसे जिले में ‘खूनी हाईवे’ कहा जाता है। जब पत्रकारों ने पूछा कि बजट में इस हाईवे के उन्नयन का कोई जिक्र क्यों नहीं है, तो मंत्री ने जवाब देने के बजाय मीडिया पर ही नकारात्मकता फैलाने का आरोप लगा दिया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दैनिक भास्कर ने सवाल किया कि भिंड-ग्वालियर हाईवे (NH-719) लगातार हादसों का केंद्र बना हुआ है, इसके बावजूद केंद्रीय बजट में इस सड़क के लिए कोई प्रावधान नहीं दिखता। इस पर कृषि मंत्री कंसाना आक्रामक हो गए। उन्होंने कहा, “आप लोग हमेशा निगेटिव ही दिखाते हैं। केंद्र सरकार के सकारात्मक काम आपको नजर नहीं आते।” मंत्री के इस बयान के बाद वहां मौजूद मीडियाकर्मियों ने एकजुट होकर कड़ा विरोध दर्ज कराया। ये था पूरा घटनाक्रम पवन दीक्षित (रिपोर्टर, दैनिक भास्कर): मंत्री जी, केंद्र से लगातार यह मांग की जा रही है कि नेशनल हाईवे पर लगातार मौतें हो रही हैं। तो क्या इस बजट में केंद्र द्वारा इसे शामिल नहीं किया जाना चाहिए था? नेशनल हाईवे 719 के निर्माण और विस्तार को लेकर… इस रोड पर हर साल 200-250 लोग एक्सीडेंट में मरते हैं। मंत्री कंसाना: क्या नाम है आपका? पवन दीक्षित नाम है, दैनिक भास्कर से… मंत्री कंसाना: पवन दीक्षित जी, क्षमा करना… आपकी तो कुछ आदत सी बन गई है सरकार की आलोचना करने की। पवन दीक्षित: आलोचना नहीं है सर, यह जमीनी हकीकत है… विधायक-जिलाध्यक्ष ने दी नसीहत
माहौल बिगड़ता देख मंच पर मौजूद भाजपा जिला अध्यक्ष देवेंद्र सिंह नरवरिया और विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह को हस्तक्षेप करना पड़ा। दोनों नेताओं ने मंत्री को समझाया कि NH-719 जिले का सबसे संवेदनशील और बड़ा जनहित का मुद्दा है। इस सड़क पर हो रही मौतों को लेकर पिछले दो साल से आंदोलन चल रहे हैं। संत समाज और जनप्रतिनिधि केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से भी मिल चुके हैं। चुप्पी साधकर निकल गए मंत्री
स्थानीय नेताओं की बात सुनने के बाद कृषि मंत्री कंसाना शांत हो गए। हालांकि हाईवे से जुड़े सवाल पर उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। इसके बाद मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस समाप्त की और चुपचाप वहां से रवाना हो गए। इससे पहले वे बजट को ऐतिहासिक और गरीब-किसान हितैषी बता चुके थे। यह खबर भी पढ़ें 7 साल के भीतर 80 किमी में 1403 मौतें; फिर भी नेशनल हाईवे-719 अपग्रेड नहीं पिछले 7 साल में महज 80 किमी लंबे नेशनल हाईवे-719 पर 1403 लोगों की जान जा चुकी है। ग्वालियर-भिंड-इटावा को जोड़ने वाला यह हाईवे हादसों का केंद्र बना हुआ है, इसके बावजूद अब तक इसके उन्नयन को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लगातार मौतों के चलते स्थानीय लोग इसे ‘मौत का हाईवे’ कहने लगे हैं। पढ़ें पूरी खबर

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