खेजड़ी बचाओ आंदोलन 9वें दिन भी जारी रहा। संत भागीरथ शास्त्री की वाणी मंगलवार को अन्य दिनों की अपेक्षा तीखी थी। उसमें क्रोध झलक रहा था। खेजड़ी बचाने के लिए बायतू विधायक हरीश चौधरी को उन्होंने मंच से विधानसभा में सभी कांग्रेसी विधायकों के साथ धरने पर बैठने की सलाह दी। बाद में मीडिया से बातचीत के दौरान चौधरी ने कहा, यदि हमारे पास 101 विधायक होते तो खेजड़ी की रक्षा कर लेते। यहां नहीं आते। ताकत संख्या से होती है, जो हमारे (कांग्रेस) पास नहीं है। खेजड़ी बचाओ आंदोलन के तहत बिश्नोई धर्मशाला के सामने चल रहे धरने पर संत भागीरथ शास्त्री एक बार फिर मुखर हुए। दरअसल बायतू विधायक हरीश चौधरी और पीलीबंगा के विधायक विनोद कुमार गोठवाल सोमवार को अपना समर्थन जताने महापड़ाव पर पहुंचे। खेजड़ी के संरक्षण को लेकर हरीश चौधरी का भाषण खत्म होने के बाद संत भागीरथ शास्त्री ने माइक थाम लिया। उन्होंने कहा कि आंदोलन में जीत-हार नहीं होती। मांगें मान लें तो सफल, नहीं तो असफल होते हैं। कानून बनाना चाहते हैं तो विधानसभा में धरने पर बैठ जाएं, वरना भाषण देना तो सबको आता है। जयपुर में मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद भी कटाई पर प्रतिबंध नहीं लगने पर संत भावुक होकर बोले—हमें राजनीति नहीं आती, इसलिए धोखा हो गया। सरकार की बात समझ नहीं आई। हम धार्मिक लोग हैं। धर्म की बात ही जानते हैं। भजन-कीर्तन और हनुमान चालीसा के पाठ हुए महापड़ाव पर मंगलवार को दिनभर भजन-कीर्तन और हनुमान चालीसा के पाठ होते रहे। स्वामी भागीरथदास शास्त्री, स्वामी पवनपुरी महाराज, महंत शिवदास महाराज, स्वामी सेवादास महाराज और साध्वी ने प्रवचन दिए और खेजड़ी पर कठोर कानून बनाने की मांग की। बलवाना से पूर्व विधायक राजेंद्र कौर, युवा आइकन राजवीर सिंह, अलाय से दिलीप सियाग ने भी महापड़ाव में पहुंचकर अपना समर्थन दिया। पर्यावरण संघर्ष समिति के संयोजक रामगोपाल बिश्नोई और आंदोलन संयोजक परसराम बिश्नोई ने आगामी रणनीति की जानकारी दी। ओमप्रकाश खीचड़ ने सरकार की हठधर्मिता पर रोष जताया। शशिकला राठौड़, मोहनलाल गोदारा, सुनील सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया। रावला में पेड़ काटने के मामले में रेंजर एपीओ, दो वनकर्मी निलंबित रावला में विद्युत निगम और जलसंसाधन विभाग की जमीन पर पेड़ काटने के मामले में एक रेंजर को एपीओ कर दिया गया है तथा सहायक वनपाल और वन रक्षक को निलंबित किया गया है। रावला के चक 30 एएसबी में कीकर, शीशम और खेजड़ी के करीब पेड़ काटने के विरोध में पर्यावरण प्रेमी पुलिस थाने पर धरने पर बैठ गए थे। इस संबंध में रेंजर अजय सिंह, सहायक वनपाल लक्ष्मीनारायण मीणा और वनरक्षक श्रवण सिंह के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। खेजड़ी को लेकर बीकानेर में महापड़ाव के चलते मामला गंभीर होने के कारण मंगलवार को रेंजर के एपीओ और दोनों वनकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। खेजड़ी बचाओ आंदोलन के संयोजक परसराम बिश्नोई ने बताया कि रावला में लोग तहसील पर धरने पर बैठे हैं। फलोदी में भी मंगलवार को आंदोलन के समर्थन में महारैली निकाली गई। यह आंदोलन प्रदेश के हर जिले, गांव-ढाणी तक फैल गया है।


