गंगापुरा में अवैध खनन की ढेरियों में पड़ा 12 लाख टन क्ले का ऑक्शन खान विभाग के अधिकारियों की गले की फांस बन गया है। क्ले के ऑक्शन के लिए गठित कमेटी दो माह में आरक्षित दर ही तय नहीं कर पाई है। खान महकमे के अधिकारियों ने कोलायत के गंगा सरोवर कैचमेंट एरिया में अवैध खनन की ढेरियों में मौजूद 12 लाख टन क्ले बिकने योग्य बताया। क्ले का ऑक्शन खान महकमे के अधिकारियों के लिए गले की फांस बन गया है। ऑक्शन करने के लिए अतिरिक्त निदेशक खान की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है। लेकिन, यह कमेटी दो माह में क्ले ऑक्शन के लिए आरक्षित दर ही तय नहीं कर पाई है। कमेटी में शामिल अधिकारियों ने पिछले दिनों मौका भी देखा। मीटिंग की, लेकिन किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाए। गंगापुरा में अवैध खनन और निर्गमन का मामला सीएम तक पहुंचने के बाद आनन-फानन में अधिकारियों ने मौका निरीक्षण कर 12 लाख टन क्ले की मौजूदगी बता दी, जबकि वास्तव में 5-7 लाख टन क्ले भी बेचने लायक मुश्किल से मिलेगा। इसे देखते हुए वर्तमान अधिकारी स्वयं ही ऑक्शन प्रक्रिया लटकाने में लगे हैं। गौरतलब है कि खनन माफियाओं ने गंगापुरा कैचमेंट एरिया में तीन साल तक जमकर अवैध खनन और निर्गमन किया। सरकार चेती और एमई बीकानेर को निलंबित करने के बाद मौके पर आकलन किया गया तो क्ले की 74 मिश्रित ढेरियों में 20,05,546 क्यूबिक मी. खनिज माना गया। इसमें 12,09,613 टन क्ले ई-ऑक्शन के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। कमेटी में बीकानेर की जगह श्रीगंगानगर एमई शामिल गंगापुरा कैचमेंट एरिया में क्ले का ऑक्शन करने के लिए गठित कमेटी में बीकानेर एमई को हटाकर श्रीगंगानगर एमई को शामिल किया गया है। पांच सदस्यीय कमेटी में तत्काल कार्यवाहक एमई बीकानेर को लिया गया था। बाद में एमई एमपी पुरोहित हाईकोर्ट के आदेश से बहाल होकर वापस आ गए और बीकानेर में ज्वाइन कर लिया। क्योंकि, वे गंगा सरोवर मामले से सीधे जुड़े थे। इसलिए बीकानेर एमई को कमेटी से हटाकर उनकी जगह श्रीगंगानगर एमई धीरज पंवार को शामिल किया गया है। एडीएम खान बीकानेर की अध्यक्षता वाली कमेटी में बीकानेर वृत के एसएमई, अधीक्षण भूवैज्ञानिक, एमई श्रीगंगानगर उदयपुर निदेशालय के लेखाधिकारी या सहायक लेखाधिकारी शामिल हैं।


