गंदगी और बदबू की शिकायत पर कलेक्टर ने सिविल सर्जन को लगाई फटकार

भास्कर न्यूज | बालोद शुक्रवार सुबह 9 बजे कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल की अव्यवस्था देख वे नाराज हो गईं। ओपीडी काउंटर बंद मिला और कई डॉक्टर मौके पर मौजूद नहीं थे। कलेक्टर के पहुंचने की जानकारी मिलते ही डॉक्टर और प्रशासनिक अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे। जानकारी अनुसार कलेक्टर अपने निवास से सीधे 100 बिस्तर जिला अस्पताल पहुंचीं। यहां मरीजों ने शौचालय में गंदगी और बदबू की शिकायत की। यह स्थिति तब है, जब कायाकल्प स्वच्छ अस्पताल योजना में जिला अस्पताल प्रदेश में 16वें नंबर पर है। मरीजों ने कलेक्टर को बताया कि इतने बड़े अस्पताल की सफाई व्यवस्था गिने-चुने सफाई कर्मियों के भरोसे है। नियमित सफाई नहीं हो पा रही है। यह स्थिति देखकर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। ओपीडी बंद होने और ड्यूटी डॉक्टरों के अनुपस्थित मिलने पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश सिविल सर्जन को दिए। निरीक्षण के दौरान अस्पताल के कई वार्डों के बाथरूम में भी गंदगी मिली। अस्पताल में गंदगी को लेकर भास्कर ने पहले ही बताया था, जिस पर एक्शन लेते हुए कलेक्टर आज वहाँ पहुंची व व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। जिला अस्पताल के अलावा कलेक्टर ने बगल में संचालित मातृ-शिशु अस्पताल का भी निरीक्षण किया। यहां वार्ड के बाहर मरीजों के परिजनों के बिखरे चप्पल को देखकर उन्होंने नाराजगी जताई। एसएनसीयू सहित विभिन्न वार्डों में पहुंचीं और मरीजों तथा परिजनों से अस्पताल में मिल रही सुविधाओं और स्टाफ के व्यवहार की जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल स्टाफ को सभी मरीजों के साथ संवेदनशील और बेहतर व्यवहार करने के निर्देश दिए। गौरतलब है कि जिला अस्पताल पहुंचे मरीजों की शिकायत रहती है कि ओपीडी समय में डॉक्टर नहीं रहते। जो डॉक्टर, स्टाफ रहते है, वह अपने हिसाब से काम करते है। जिससे कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। समाधान नहीं हो पा रहा है।

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