जिस संस्थान में प्रदेश और आस-पास के राज्यों से मरीज इलाज कराने आते हैं, वहां गंदगी के कारण उनकी जिंदगी ही खतरे में पड़ रही है। हाल यह है कि स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट (एससीआई) में भर्ती एक 10 साल के ब्लड कैंसर से पीड़ित बच्चे के पैर का अंगूठा चूहे कुतर गए। बच्चा दर्द से रोया तो परिजनों ने कंबल हटाकर देखा तो एक चूहा निकलकर भागा। बच्चे के पैर से खून बह रहा था। परिजनों ने नर्सिंग स्टाफ को जानकारी दी तो वे पैर पर सिर्फ पट्टी बांधकर खानापूर्ति कर चले गए। दरअसल, संस्थान में गंदगी और निर्माण कार्य के कारण चूहों का आतंक बना हुआ है। शिकायतों के बावजूद प्रशासन इस पर कुछ नहीं करता। मामले पर अस्पताल प्रशासन से बात की तो बताया गया कि जल्द व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाएंगी। मालूम हो कि तबीयत बिगड़ने पर 11 दिसम्बर को बच्चे को मेडिकल ओंकोलॉजी विभाग में दिखाया गया। यहां उसे पीडियाट्रिक वार्ड में भर्ती किया गया। रात को सोते समय उसके साथ यह हादसा हो गया। वहां मौजूद मरीजों ने बताया कि वार्डों में चूहे, बिल्ली और कुत्ते घूमते रहते हैं और किसी प्रकार की सुरक्षा नहीं है। 10 साल का बच्चा रोया तो नर्सिंग स्टाफ पट्टी बांधकर चला गया, वार्डों में गंदगी के कारण बिल्ली-कुत्ते घूमते हैं पिछले पांच दिन में ज्यादा बिगड़ी व्यवस्थाएं: मालूम हो कि एससीआई में पिछले पांच दिन से सफाई व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ी हुई है। ठेकेदार की ओर से कर्मियों को वेतन नहीं दिए जाने और फिर नई फर्म को काम दिए जाने के बावजूद व्यवस्थाएं सही नहीं हो सकीं। इसी वजह से वार्डों, ऑपरेशन थियेटर और गैलेरी से लेकर पूरे अस्पताल में हर ओर गंदगी पसरी है। खाने-पीने की चीजें इधर-उधर बिखरी हुई हैं और इस कारण चूहों का यहां आतंक बना हुआ है। साथ ही अब कुत्ते और बिल्ली भी वार्डों तक आने लगे हैं और इस वजह से परिजन घबराए हुए हैं। जिम्मेदार बोले- ठीक करेंगे सफाई व्यवस्था
स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट के अधीक्षक डॉ. संदीप जसूजा ने बताया कि बच्चे को चूहे के काटने की जानकारी आई थी। इसके तुरंत बाद बच्चे को संभाल लिया गया था। सफाई व्यवस्था दुरुस्त करा रहे हैं ताकि मरीजों को परेशानी नहीं हो।


