जांजगीर| शहर में करोड़ों रुपए खर्च कर विकास कार्य कराए जा रहे हैं, लेकिन कई योजनाएं पूरी होने के बाद भी बेकार पड़ी हैं। शांतिनगर वार्ड के पास वर्ष 2019 में 1.10 करोड़ रुपए में बना हाइजेनिक फिश मार्केट इसका उदाहरण है। यह मार्केट शहर के कचरा डंपिंग एरिया में बना होने के कारण शुरू से ही उपयोग में नहीं आ सका और अब खंडहर में बदल गया है। मछली व्यापारियों के लिए स्वच्छ और व्यवस्थित बाजार बनाने की घोषणा हुई थी, लेकिन कचरे और दुर्गंध के बीच यहां पहुंचना मुश्किल है। निर्माण एजेंसी और विभाग की लापरवाही से करोड़ों की लागत से बना यह भवन अनुपयोगी हो गया है।


