गंदगी, बदबू व आवारा जानवरों से मिलेगी अजमेर को निजात:जगह जगह नजर नहीं आएंगे डिपो, केवल तीन जगह होगा कचरा संग्रहण

अजमेर शहर में आने वाले दिनों में जगह जगह सड़कों, मुख्य मार्गों व गली मोहल्लों में कचरा डिपो नहीं दिखेंगे। इससे यहां फैलने वाली गंदगी, बदबू व आवारा जानवरों के जमावडे़ से शहरवासियों को राहत मिलेगी। शहर में केवल तीन जगहों पर ही कचरा डिपो बनाए जाएंगे। यहां से कचरा सीधे ही माखुपुरा में बने कचरा डिपो भेजा जाएगा। इसके लिए स्वायत्त शासन विभाग ने टेंडर कर दिए है और जल्द ही वर्क ऑर्डर जारी किए जाएंगे। वर्तमान में ये है व्यवस्था शहर में वर्तमान में 80 वार्ड है और यहां पर करीब सौ से ज्यादा छोटे बडे़ कचरा डिपो है। गली मोहल्लों व सड़क किनारों पर बने इन कचरा डिपो पर कचरा एकत्र किया जाता है और ऐसे में यहां आवारा जानवरों का जमावड़ा होता है। इन जानवरों के यहां जमावडे़ से हादसे की सम्भावना भी बनी रहती है। यहां एकत्र किए जाने वाले कचरे को वाहनों के जरिए माखुपुरा स्थित ट्रेचिंग ग्राउंड भेजा जाता है। फिर वहां इसका निस्तारण होता है। अब ये होगी व्यवस्थाएं स्वायत्त शासन विभाग ने शहर के चन्द्रबरदाई नगर, कल्याणीपुरा व कोटड़ा में कचरा डिपो बनाकर कचरा एकत्र करने की योजना बनाई है। इसके साथ ही शहर के सभी कचरा डिपो हटा दिए जाएंगे। यहां से कचरा सीधा माखुपुरा स्थित ट्रेचिंग ग्राउंड पहुंचेगा। इससे शहर के हर कहीं दिखने वाले कचरा डिपो नजर नहीं आएगे और शहर में गंदगी, आवारा जानवरों के जमावडे़ व बदबू से भी राहत मिलेगी। इस सम्बन्ध में बात करने पर नगर निगम के अधीक्षण अभियंता प्रेम शंकर शर्मा ने बताया-इसके लिए टेंडर जयपुर से हो चुके है और करीब एक सप्ताह में वर्कआर्डर जारी होने की सम्भावना है। ……… पढें ये खबर भी…. अजमेर में बांडी नदी किनारे ही बनाया कचरा डिपो:आवारा जानवरों का जमावड़ा और बदबू से परेशान; NGT में शिकायत की चेतावनी अजमेर शहर के हरिभाऊ उपाध्याय (HBU) मेन स्कीम इलाके में बांडी नदी के किनारे बनाए गए कचरा डिपो को लेकर विरोध सामने आया है। यहां बने प्लाटेंशन बेल्ट और पाथ-वे पर कचरा डालने से आस-पास के इलाकों में बदबू फैल रही है। मक्खियों और आवारा जानवरों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे निवासियों, खासकर बच्चों और बुजुर्गों में बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इसे लेकर पर्यावरण प्रेमी ने राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (RSPCB), नगर निगम अजमेर के आयुक्त और अजमेर विकास प्राधिकरण (ADA) को शिकायत भेजी है। साथ ही समस्या समाधान नहीं होने पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की शरण लेने की चेतावनी दी है। पूरी खबर पढें

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