भास्कर न्यूज | गढ़वा गढ़वा प्रखंड के गिजना गांव स्थित बाबा खोनहरनाथ मंदिर में 21 अनाथ व असहाय बेटियों की सामूहिक विवाह कराया गया। जानकी सामूहिक विवाह फाउंडेशन की ओर से आयोजित इस समारोह में घंटियों की गूंज, वैदिक मंत्रों की पवित्र ध्वनि और 21 बेटियों की आंखों में छलकती खुशी ने पूरे वातावरण को भावुक और आध्यात्मिक बना दिया। जानकी सामूहिक विवाह फाउंडेशन की ओर से सामूहिक विवाह पूरे विधि-विधान, परंपरा और सम्मान के साथ संपन्न कराया गया। हर बेटी दुल्हन के रूप में सजी थी, हर चेहरा मुस्कान से दमक रहा था और हर आंख में अपने घर-परिवार और सुरक्षित भविष्य का सपना झिलमिला रहा था। कार्यक्रम का शुभारंभ झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने फीता काटकर किया। उन्होंने कहा कि इन बेटियों के चेहरे की मुस्कान ही समाज की सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कन्यादान से बड़ा कोई दान नहीं। फाउंडेशन ने केवल 21 विवाह नहीं कराए, बल्कि 21 घरों में नई रोशनी जलाई है। मौके पर एक नवविवाहित बेटी ने कांपती आवाज में कहा कि माता-पिता के अभाव में उन्हें अपनी शादी की उम्मीद लगभग खत्म लगती थी, लेकिन फाउंडेशन ने उन्हें नया जीवन और सम्मान दिया है। वहीं एक वर ने कहा कि उन्हें सिर्फ जीवनसाथी ही नहीं, बल्कि समाज का आशीर्वाद भी मिला है। उन्होंने अपनी पत्नी को हर सुख देने और इस सम्मान को बनाए रखने का वचन दिया। आयोजन में संरक्षक सत्येंद्र चौबे उर्फ पांडेय बाबा का विशेष योगदान रहा। फाउंडेशन के सचिव रितेश तिवारी उर्फ महाकाल तिवारी ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल विवाह कराना नहीं, बल्कि बेटियों को सम्मानजनक जीवन देना है। अध्यक्ष संजीव दुबे ने कहा कि जब एक बेटी का घर बसता है, तो पूरा समाज बसता है और यही उनकी सबसे बड़ी सफलता है। महामंत्री प्रियांशु दुबे, चंदन धर दुबे, अजीत उपाध्याय, शुभम पासवान, शिवम् दुबे, विशाल सिंह, पिंटू तिवारी एवं सह संरक्षक आलोक पांडेय सहित कई लोग उपस्थित थे।


