गरियाबंद जिले के झाखरपारा में आयोजित समाधान शिविर में जनता की कम उपस्थिति से भाजपा नेता अधिकारियों पर बिफर गए। शिविर में अधिकतर कुर्सियां खाली रहीं। पूर्व भाजपा विधायक डमरू धर पुजारी ने SDM से सीधा सवाल किया कि जब जनता ही नहीं है तो किसे संबोधित करें। पुजारी ने कहा कि यह शिविर भाजपा सरकार की महत्वपूर्ण योजना है। इसका उद्देश्य लोगों की समस्याएं सुनना और उन्हें सरकारी योजनाओं की जानकारी देना है। उन्होंने श्रम विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। विभाग की योजनाएं जरूरतमंद लोगों तक नहीं पहुंच पा रही हैं। जल प्रदाय योजना का भी उठा मुद्दा जिला पंचायत अध्यक्ष गौरी शंकर कश्यप ने भी अगले शिविर में अधिक भीड़ सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने जल संरक्षण और वृक्षारोपण के लिए उपस्थित लोगों को शपथ भी दिलाई। शिविर में एक अन्य मुद्दा सुपेबेड़ा जल प्रदाय योजना का भी उठा। जिला पंचायत निर्माण समिति सभापति देशबंधु नायक ने तेल नदी में बन रहे 2 करोड़ रुपए के डायाफार्म वाल के निर्माण पर सवाल उठाए। यह वाल निर्माण के दौरान ही भ्रष्टाचार के कारण टूट गया। नायक ने आरोप लगाया कि प्रोजेक्ट की फाइल अनुविभाग के बजाय डिवीजन में रखी गई है। उन्होंने इस मामले की जांच की मांग की। जल जीवन मिशन पर छिड़ी जंग विभागीय जानकारी के समय पीएचई के अफसर योजना के फायदे गिना रहे थे, तभी क्षेत्रीय जनपद सदस्य असलम मेमन ने योजना के दावे के पोल खोल रहे थे। असलम ने भरे मंच में यह तक कहा कि झाखपारा कलस्टर के दो गांव में जल जीवन की सफलता को दिखा दें। आरोप लगाया कि पाइप बिछाने सीसी सड़क खोद दिए गए। मरम्मत का भुगतान भी ठेकेदारों को हुआ पर योजना का लाभ किसी को नहीं मिला। भीड़ के लिए मुनादी कराएंगे नाराजगी के बाद हो रही चूक को भाप चुके जिला पंचायत सीईओ जी आर मरकाम ने कहा कि अगले शिविर में आवेदक हितग्राहियों की भीड़ रहे इसके लिए जवाबदारी तय की जाएगी। मुनादी और अन्य माध्यमों से प्रचार किया जाएगा। साथ ही सीईओ ने अधूरे पीएम आवास को जल्द पूरा करने की अपील करते हुए कहा कि आवास नहीं पूरा किया गया तो हितग्राहियों को अन्य योजनाओं के लाभ से वंचित रहना पड़ सकता है।


