गर्भवती की संदिग्ध मौत, ससुरालियों पर दहेज हत्या का आरोप

भास्कर न्यूज | बठिंडा गांव रायेकलां में 28 वर्षीय गर्भवती महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मायके पक्ष ने ससुरालियों पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और हत्या करने के आरोप लगाए हैं। घटना के बाद पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतका की पहचान जश्नदीप कौर (28) के रूप में हुई है, जिसकी शादी चार वर्ष पहले गांव रायेकलां निवासी युवक के साथ हुई थी। बताया जा रहा है कि वह करीब छह महीने की गर्भवती थी। शनिवार को अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने की सूचना मायके पक्ष को दी गई। परिजनों के अनुसार, जब वे ससुराल पहुंचे तो जश्नदीप को पहले ही गाड़ी में रखा हुआ था। मृतका के मामा फतेह सिंह ने आरोप लगाया कि शनिवार को जश्नदीप की मां गुरप्रीत कौर को ससुराल से फोन आया कि जश्नदीप की तबीयत खराब है। जब परिवार मौके पर पहुंचा तो स्थिति संदिग्ध लगी। उसे लंबी के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों का आरोप है कि जश्नदीप को लंबे समय से दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। मायके पक्ष का कहना है कि उनकी बेटी की हत्या की गई है और यह सब दहेज के लिए किया गया। डीएसपी देहाती हरविंदर सिंह सरां ने बताया कि लंबी अस्पताल से सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमार्टम के लिए बठिंडा के सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। मृतका की मां गुरप्रीत कौर के बयानों के आधार पर एफआईआर दर्ज की जा रही है। सिर्फ वही नकारात्मक खबर, जो आपको जानना जरूरी है… 7 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा एडवोकेट एमएम बहल के अनुसार भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 80 दहेज हत्या को गंभीर अपराध माना गया है। इस धारा के तहत यदि किसी महिला की शादी के 7 साल के भीतर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होती है और यह साबित होता है कि उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था, तो इसे दहेज मृत्यु माना जाएगा। कम से कम 7 साल की कैद जो आजीवन कारावास तक बढ़ सकती है।

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