भास्कर न्यूज| महासमुंद शहरवासियों को लंबे समय से परेशान करने वाली जलभराव और ओवरफ्लो नालियों की समस्या से अब जल्द ही मुक्ति मिलने वाली है। नगर पालिका महासमुंद ने भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए शहर की पुरानी और संकरी नालियों के कायाकल्प का काम शुरू कर दिया है। अब तक शहर के अधिकतर वार्डों में नालियां महज एक फीट चौड़ी थीं, जो सामान्य बारिश में भी जवाब दे देती थीं। अब इन्हें करीब 3 फीट तक चौड़ा किया जा रहा है। इससे गंदे पानी की निकासी सुगम हो सकेगी। नगर पालिका ने शहर के विभिन्न हिस्सों के लिए करीब 66 लाख रुपए से अधिक के कार्यों को हरी झंडी दे दी है। मां महामाया मंदिर से शीतला तालाब जाने वाले मार्ग के वार्ड 17 में करीब 20 लाख रुपए की लागत से नाली निर्माण और चौड़ीकरण का काम शुरू हो गया है। महामाया मंदिर से गांधी चौक मेहता एजेंसी तक यहां 22 लाख रुपए की लागत से नाली बनाई जा रही है, जिससे वार्ड 15 और 17 के हजारों लोगों को राहत मिलेगी। इसी तरह शास्त्री चौक से मुक्तिधाम तक वार्ड 29 के निवासियों की पुरानी मांग को पूरा करते हुए 24 लाख रुपए की लागत से नाली निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। सात कब्जाधारियों को नोटिस जारी, टूटेगी दीवार नाली चौड़ीकरण में आ रहे अवरोध हटाने प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। गांधी चौक से महामाया मंदिर मार्ग पर करीब 3 घरों की दीवारें और अन्य लोगों द्वारा बनाए गए चबूतरे व पार्किंग स्थल नाली के दायरे में आ रहे हैं। पालिका ने ऐसे 7 लोगों को नोटिस थमाया है। स्पष्ट किया गया है कि यदि कब्जा स्वयं नहीं हटाया गया, तो पालिका उसे ध्वस्त करेगी। एक किमी लंबी नाली बनाने प्रस्ताव: नगर पालिका ने केवल वर्तमान ही नहीं, बल्कि अगले 20 वर्षों की आबादी और जलभराव की स्थिति का आकलन कर नए प्रस्ताव मंत्रालय भेजे हैं। इसमें शारदा मंदिर (धर्मकांटा) से सोरिद रोड तक करीब 1 किमी लंबी नाली, अंबेडकर चौक से रेलवे फाटक (शंकर नगर नहर) तक 1 किमी लंबी नाली शामिल है। इन दोनों प्रमुख नालियों के निर्माण में करीब 70 लाख रुपए का खर्च अनुमानित है।


