भास्कर न्यूज | लुधियाना गवर्नर गुलाब चंद कटारिया ने शनिवार को बुड्ढा दरिया को पुनर्जीवित किए जाने संबंधी चलाए जा रहे प्रोजेक्ट का रिव्यू किया। उन्होंने अधिकारियों के साथ दरिया के शहर के बाहर के हिस्से का टीडीएस चेक किया। जबकि शहर के अंदर के हिस्से का टीडीएस चेक नहीं किया और न ही सैंपल लिए। पीपीसीबी को भी निर्देश दिए गए हैं कि ट्रीटमेंट प्लांट से डाइगों यूनिटों का अनट्रीटेड पानी किसी भी कीमत पर पानी दरिया में न जाए। गवर्नर कटारिया ने राज्यसभा सदस्य सीचेवाल और दूसरे अधिकारियों के साथ ताजपुर रोड पर ‘संगत घाट’ के पास बुड्ढा दरिया में बोट राइड की। इसके बाद, गवर्नर ने पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी में बुड्ढा दरिया पुनर्जीवन प्रोजेक्ट का रिव्यू करने को लेकर डीसी हिमांशु जैन समेत अन्य अधिकारियों से मीटिंग की। उन्होंने अधिकारियों को दरिया में गाय का गोबर और इंडस्ट्रियल वेस्ट डालने वालों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने के निर्देश दिए। गवर्नर ने आगे कहा कि दरिया का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व भी है और किसी को भी पानी गंदा करने की इजाजत नहीं दी जा सकती। गवर्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जहां भी जरूरत हो, नियम तोड़ने वालों पर और सख्ती की जाए। बुड्ढा दरिया में प्रदूषण कम करने में अधिकारियों का साथ देने की अपील करते हुए, गवर्नर कटारिया ने कहा कि वह रेगुलर तौर पर प्रोग्रेस पर नजर रख रहे हैं। इस दौरान राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल, मेयर इंदरजीत कौर, निगम कमिश्नर डॉ. नीरू कत्याल गुप्ता, एमसी एडिशनल कमिश्नर परमदीप सिंह और अन्य अधिकारियों के साथ उन्होंने ने ताजपुर रोड पर ‘संगत घाट’ के पास बुड्ढा दरिया साइट और ताजपुर रोड डेयरी कॉम्प्लेक्स में एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट का भी निरीक्षण किया।


