गहलोत के बनाए 9 जिले-3 संभाग भजनलाल ने खत्म किए:21 महीने पहले बने थे; सरकार ने कहा- उपयोगिता नहीं थी, कांग्रेस बोली- फिर बनाएंगे

कांग्रेस सरकार के वक्त बने नए जिलों में से 9 जिलों और 3 संभागों को भजनलाल सरकार ने कैंसिल कर दिया है। अशोक गहलोत ने मार्च 2023 में इन जिलों और संभागों को बनाने का ऐलान किया था। कानून मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि चुनाव से पहले नए जिले और संभाग बनाए गए थे। इनकी उपयोगिता नहीं थी। वित्तीय संसाधन और जनसंख्या के पहलुओं को अनदेखा किया गया। अनेक जिले ऐसे थे, जिनमें 6-7 तहसीलें नहीं थी। गहलोत सरकार द्वारा बनाए गए दूदू, केकड़ी, शाहपुरा, नीमकाथाना, गंगापुरसिटी, जयपुर ग्रामीण, जोधपुर ग्रामीण, अनूपगढ़, सांचौर जिलों को निरस्त कर दिया गया है। वहीं, बालोतरा, ब्यावर, डीग, डीडवाना, कोटपूतली-बहरोड़, खैरथल-तिजारा, फलोदी और सलूंबर जिले बने रहेंगे। इसके साथ ही पाली, सीकर, बांसवाड़ा संभाग भी खत्म कर दिए गए हैं। राजस्थान में 50 जिले थे। सरकार के इस फैसले के बाद अब राज्य में 41 जिले ही रह जाएंगे। वहीं 10 संभाग की जगह 7 संभाग अस्तित्व में रहेंगे। मंत्री लेवल कमेटी ने इसकी रिपोर्ट दी थी
जिलों को रिव्यू करने के लिए मंत्रियों की कमेटी बनाई गई थी। इस कमेटी ने भी ललित पंवार कमेटी की सिफारिश को आधार बनाकर मापदंडों पर खरा नहीं उतरने पर जिले कैंसिल करने सिफारिश की थी। इसे कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। जनगणना को देखते हुए 31 दिसंबर से पहले यह फैसला करना जरूरी था। सरकार अगले सप्ताह जिलों के नए सिरे से सीमांकन पर नोटिफिकेशन जारी करेगी। 9 जिलों से अब कलेक्टर SP और जिला स्तरीय अफसर हटेंगे, इन जिलों में बने हुए जिला स्तरीय पद भी खत्म हो जाएंगे। डोटासरा ने कहा- कांग्रेस सरकार में फिर बहाल करेंगे जिले
कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि सरकार ने बिना सोचे-समझे ये फैसला किया है। जिले खत्म करने के खिलाफ 1 जनवरी से पूरे प्रदेश में आंदोलन किया जाएगा। या तो सरकार को जिले फिर बनाने पड़ेंगे, नहीं तो इन इलाकों में भाजपा को चुनाव के लिए उम्मीदवार नहीं मिलेगा। जब राजस्थान में कांग्रेस की सरकार आएगी तो इन जिलों को फिर बहाल करेंगे। पढ़िए, कौन-कौन से जिले खत्म किए गए… गहलोत सरकार ने 17 नए जिले और 3 नए संभाग बनाए थे
गहलोत सरकार ने 17 नए जिले और 3 संभाग बनाए थे, इनमें जयपुर और जोधपुर के 2-2 टुकड़े किए गए थे। नए जिलों में अनूपगढ़, गंगापुर सिटी, कोटपूतली, बालोतरा, जयपुर ग्रामीण, खैरथल, ब्यावर, नीमकाथाना, डीग, जोधपुर ग्रामीण, फलोदी, डीडवाना, सलूंबर, दूदू, केकड़ी, सांचौर और शाहपुरा शामिल थे।
बांसवाड़ा, पाली और सीकर को संभाग बनाया था। गहलोत सरकार ने आखिरी बजट में 17 नए जिलों की घोषणा की थी। पहले जयपुर के टुकड़े कर जयपुर उत्तर, जयपुर दक्षिण और जोधपुर के टुकड़े कर जोधपुर उत्तर और जोधपुर दक्षिण जिलों की घोषणा हुई थी। इस पर पर विवाद हो गया था। लोगों को दक्षिण-उत्तर में बांटना ठीक नहीं लगा। सरकार ने बाद में बीच का रास्ता निकालते हुए इन जिलों का नाम जयपुर, जयपुर ग्रामीण, जोधपुर और जोधपुर ग्रामीण कर दिया। बीजेपी ने नए जिलों का रिव्यू करवाने की घोषणा की थी
बीजेपी ने गहलोत राज में जाते-जाते नए जिले बनाने पर सवाल उठाए थे। कई छोटे जिलों को लेकर स्थानीय लोगों ने भी विरोध किया था। उस वक्त बीजेपी ने सरकार में आने पर गहलोत राज में बने जिलों का रिव्यू करवाने की घोषणा की थी। ये नए जिले बने रहेंगे …. जिलों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… राजस्थान के 9 जिले सरकार ने कैंसिल किए:पंचायत-पंचायत समितियों और जिला परिषदों का पुनर्गठन होगा; एसआई भर्ती पर कैबिनेट में फैसला नहीं हुआ भजनलाल सरकार ने गहलोत राज में बने 17 नए जिलों में से 9 जिलों और 3 संभागों (पाली,सीकर, बांसवाड़ा) को खत्म कर दिया है। शनिवार को कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया है। राजस्थान में अब 41 जिले और 7 संभाग रहेंगे। सब इंस्पेक्टर (SI) भर्ती को लेकर बैठक में फैसला नहीं हुआ। पढ़ें पूरी खबर… गहलोत बोले-डीग भरतपुर से 35 किलोमीटर,उसे खत्म क्यों नहीं किया?:डोटासरा ने कहा- सीएम ने अपना जिला बचा लिया, दूदू खत्म कर डिप्टी सीएम को निपटा दिया भजनलाल सरकार के कांग्रेस राज में बने 9 जिले और 3 संभाग खत्म के फैसले पर राजनीतिक वार शुरू हो गया है। पूर्व सीएम अशोक गहलोत, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए विरोध जताया है। कांग्रेस ने इसके खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया है। पढ़ें पूरी खबर…

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