गर्मी से बचाव पर आदेशों की साल भर बाद भी पालना नहीं करने पर हाईकोर्ट की तरफ से सरकार को फटकार लगने के बाद पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने भी पलटवार किया है। गहलोत ने सरकार पर बदइंतजामी का आरोप लगाया है। गहलोत ने एक्स पर लिखा- लगातार बढ़ते तापमान और लू के प्रकोप से बचने के लिए राज्य सरकार की बदइंतजामी पर हाईकोर्ट की चिंता एकदम जायज है। पिछली साल 30 मई को हाईकोर्ट ने लू से होने वाली मौतों पर स्वत: संज्ञान लेते हुए इस संबंध में निर्देश भी जारी किए थे, लेकिन राज्य सरकार ने इन निर्देशों को लागू नहीं किया। इस साल गर्मी आने तक की भी कोई उचित व्यवस्था आमजन की रक्षा के लिए नहीं की। हाईकोर्ट ने सरकार को लगाई थी फटकार, कहा था- हम आंखें बंद करके नहीं रख सकते, आदेशों की पालना नहीं की दो दिन पहले ही हाईकोर्ट ने भीषण गर्मी से लोगों को राहत के लिए व्यवस्था नहीं करने पर सरकार को फटकार लगाई थी। जस्टिस अनूप ढंढ ने स्वप्रेरित प्रसंज्ञान लेते हुए कहा था कि इस अदालत ने पिछले साल भीषण गर्मी से आमजन को राहत देने के लिए अंतरिम निर्देश दिए थे। 10 महीने बाद भी सरकार ने इसकी पालना नहीं की। हाईकोर्ट ने सरकार को एक कोआर्डिनेशन कमेटी गठित करके भीषण गर्मी से लोगों को राहत देने के लिए दिए गए निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने के आदेश दिए। हाईकोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा था- प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर शुरू हो गया है। अभी से तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा है। चूरू जिले में तापमान ने पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया है। ऐसी स्थिति में भी राज्य सरकार ने कोई एक्शन प्लान तैयार नहीं किया।इन हालात में अदालत अधिकारियों की खराब कार्यप्रणाली पर अपनी आंखें बंद नहीं कर सकती है। राज्य को किसी भी सूरत में उसके कर्तव्यों से बचने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।


