भास्कर न्यूज| रायगड़ा/कोरापुट ओडिशा और आंध्र प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में पैर पसार चुके गांजा माफियाओं के खिलाफ दोनों राज्यों की पुलिस ने हाथ मिला लिया है। मंगलवार को साउथ वेस्टर्न रेंज के डीआईजी कंवर हकीन सिंह की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल जॉइंट कोऑर्डिनेशन मीटिंग हुई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई इस बैठक में गांजे की खेती, तस्करी और इंटर-स्टेट माफियाओं को जड़ से उखाड़ने के लिए कई कड़े फैसले लिए गए। बैठक में डीआईजी कंवर हकीन सिंह ने स्पष्ट किया कि नेशनल नॉन-बेलेबल वारंट का 100% पालन सुनिश्चित करना संबंधित जिला एसपी और थाना प्रभारियों की जिम्मेदारी होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि वारंट तामील कराने या तस्करों पर कार्रवाई करने में कोताही बरती गई, तो संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। मीटिंग में कोरापुट, रायगड़ा, मलकानगिरी (ओडिशा) और विशाखापत्तनम, अल्लूरी सीताराम राजू व अनकापल्ले (आंध्र प्रदेश) के पुलिस कप्तानों ने हिस्सा लिया। अंतर-राज्यीय तस्करों की जानकारी साझा करने के लिए एक फ्री एक्सचेंज सिस्टम बनेगा। अब केवल जब्ती नहीं होगी, बल्कि बड़े तस्करों की वित्तीय जांच कर उनकी संपत्तियां भी कुर्क की जाएंगी। दूसरे राज्यों और जिलों में छिपे माफियाओं को पकड़ने के लिए जॉइंट इन्वेस्टिगेशन टीम काम करेगी। सख्त सबूतों के साथ कोर्ट में होगी घेराबंदी: डीआईजी ने निर्देश दिए कि केवल गिरफ्तारी काफी नहीं है, बल्कि जांच इतनी मजबूत होनी चाहिए कि आरोपियों को कोर्ट से सजा मिल सके। ट्रायल प्रोसेस की कड़ी निगरानी की जाएगी और मजबूत सबूतों के आधार पर दोषसिद्धि सुनिश्चित की जाएगी।


