धुलंडी का असली रंग बुधवार को भी उड़ना शुरू हो गया। सूतक के कारण मंगलवार को कहीं धुलंडी मनाई कहीं नहीं। लेकिन हर जगह रंग गुलाल खूब उड़ाया है। सूतक के कारण पहले दिन कम लोगों ने धुलंडी खेली। लेकिन अब बुधवार को सुबह से गांवों में धुलंडी का रंग उड़ना शुरू हो गया। गांवों में गाजे-बाजे के साथ धुलंडी की तैयारी की गई है। पहले दिन शहर व कस्बों में भी धुलंडी पर रंग-गुलाल के साथ डीजे पर डांस किया गया। कई जगहों पर फूलों और गुलाल से पारंपरिक तरीके से होली खेली जाएगी। छोटे बच्चों से लेकर युवा और बुजुर्गों तक सभी बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं।


