भिलाई| जनपद पंचायत पाटन के अकतई ग्राम पंचायत में विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण योजना (वीबी जीरामजी) के प्रचार-प्रसार के लिए जनजागरुकता कार्यक्रम और जनचौपाल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीणों, किसानों और महिला स्व-सहायता समूहों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जिला पंचायत दुर्ग के सीईओ बजरंग कुमार दुबे ने बताया कि अब ग्रामीण क्षेत्रों में 100 दिन के स्थान पर 125 दिवस रोजगार की कानूनी गारंटी दी गई है। यदि तय समय में काम उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। तकनीकी सहायक गिरीश नारंग (ब्लॉक पाटन) ने जानकारी दी कि मजदूरी का भुगतान एक सप्ताह के भीतर करना अनिवार्य है। यदि 15 दिनों के अंदर भुगतान नहीं होता है, तो मजदूरों को 0.05 प्रतिशत अतिरिक्त राशि ब्याज के रूप में दी जाएगी। इससे भुगतान में देरी पर जवाबदेही सुनिश्चित होगी। कार्यक्रम में बताया गया कि ग्राम की जरूरतों के अनुसार कार्यों का चयन किया जाएगा। जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए तालाब, डबरी और अन्य संरचनाओं का निर्माण कराया जाएगा, जिससे स्थायी परिसंपत्तियां बनें और टिकाऊ विकास को बढ़ावा मिले। महिला स्व-सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी पर भी जोर दिया गया। आजीविका डबरी निर्माण के बाद आय बढ़ाने के अवसरों की जानकारी भी ग्रामीणों को दी गई। तालाब गहरीकरण कार्य के संबंध में लगभग 200 मजदूर उपस्थित रहे। ग्रामीणों द्वारा पूछे गए सवालों का मौके पर ही समाधान किया गया। कार्यक्रम में सरपंच माधुरी निषाद, सचिव कामता पटेल, रोजगार सहायक दिनेश चंद्राकर, नरोत्तम निषाद सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।


