सवाईमाधोपुर की बामनवास तहसील के गांव सीतोड़ (बड़ी झोपड़ी कसाना ढाणी) में आम रास्ते को ब्लॉक करने के मामले में हाईकोर्ट ने सख्त नाराजगी जताई हैं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एसपी शर्मा की खंडपीठ ने एसएचओ बामनवास को निर्देश दिए है कि वह तुरंत आम रास्ते को खुलवाएं। इसके साथ ही वहां एक कांस्टेबल को नियुक्त करें, जिससे फिर से कोई रास्ता ब्लॉक नहीं कर सके। इसके साथ ही अदालत ने कहा कि अगर आवश्यकता पड़े तो रास्ता ब्लॉक करने वालों के खिलाफ मामला भी दर्ज करें। अदालत ने यह आदेश शिवराम व अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। गंभीर मरीज अस्पताल नहीं पहुंच पा रहे
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता भवानी सैनी एवं कपिल चांवरिया ने अदालत को बताया कि जिस रास्ते को अवरूद्ध किया गया है वह रास्ता बड़ी झोपड़ी, कसाना ढ़ाणी में जाता हैं। यह 300 ग्रामीणों के आवागमन का एकमात्र रास्ता हैं। रास्ता अवरूद्ध होने पर ग्रामीणों, विशेषकर स्कूल जाने वाले बच्चों, महिलाओं और मरीजों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। गंभीर मरीजों के लिए एम्बुलेंस तक ढ़ाणी में नहीं पहुंच पा रही हैं। 16 जनवरी को एडीएम गंगापुरसिटी के निर्देश के बाद भी रास्ता नहीं खुला। जिसके बाद ग्रामीणों ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की हैं। इस पर अदालत ने राज्य सरकार, कलक्टर, सवाईमाधोपुर सहित अन्य को नोटिस जारी करते हुए एसएचओ को तुरंत रास्ता खुलवाने के निर्देश दिए।


