कोंडागांव में एक गाय के पेट की हर्निया का सफल ऑपरेशन हुआ है। फरसगांव के बोरगांव में पशुधन विकास विभाग के डॉक्टरों ने हर्नियोप्लास्टी के माध्यम से यह सर्जरी की। पशु मालिक राखल राव की गाय पिछले एक महीने से पेट में सूजन की समस्या से परेशान थी। गाय को भोजन करने में कठिनाई हो रही थी और वह कमजोर हो रही थी। जांच में पता चला कि पेट की मांसपेशियां फटने से हर्निया हो गया था। पेट की दीवार फटने से होता है हर्निया जिला उपसंचालक के निर्देश पर पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ डॉ. ढालेश्वरी ने सर्जरी का नेतृत्व किया। डॉ. कृष्ण कोर्राम और डॉ. अनिल ने भी ऑपरेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉ. ढालेश्वरी के मुताबिक, वेंट्रल हर्निया पेट की दीवार के कमजोर होने या फटने से होता है। इससे पेट के अंग बाहर की ओर उभर आते हैं। यह चोट, बार-बार गर्भधारण, मुश्किल प्रसव या भारी वजन उठाने से हो सकता है। हर्निया के मुख्य लक्षण हर्निया के मुख्य लक्षणों में पेट में सूजन, चलने-फिरने में परेशानी और भूख में कमी शामिल हैं। बड़े हर्निया के इलाज में मेष का उपयोग किया जाता है। इससे दोबारा हर्निया होने का खतरा कम हो जाता है। गर्भवती गायों को पर्याप्त पोषण देने की सलाह डॉक्टरों ने पशुपालकों को सलाह दी है कि गर्भवती गायों को पर्याप्त पोषण दें। साथ ही प्रसव के दौरान विशेष ध्यान रखें। किसी भी चोट की स्थिति में तुरंत पशु चिकित्सालय में संपर्क करें। यह सफल ऑपरेशन जिले के पशु चिकित्सा क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर साबित हुआ है। यह पशुधन स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


