भास्कर न्यूज | जालंधर पंजाबी लिखारी सभा द्वारा कवि दरबार एवं मासिक समारोह सभा संरक्षक बेअंत सिंह सरहद्दी की देखरेख में करवाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब, गुरु तेग बहादुर नगर के प्रधान कंवलजीत सिंह टोनी तथा विशेष अतिथि चंद्र शेखर शिंगारी उपस्थित रहे। दोनों शख्सियतों को ‘पंजाबी मां बोली का मान-सम्मान’ देकर सम्मानित किया गया। यहां गुरमेल सिंह खैहरा, गुरप्रताप सिंह, सुखदेव सिंह और मंगल सिंह भंडाल को भी सम्मान प्रदान किया गया। सभा प्रधान हरभजन सिंह नाहल ने अध्यक्ष मंडल, कवियों, लेखकों और श्रोताओं का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की। सभा के सचिव महिंदर सिंह अनेजा ने अपनी कविता से कवि दरबार का आगाज किया और मंच संचालन की जिम्मेदारी भी बखूबी निभाई। चेयरमैन दलबीर सिंह रियाड़ ने सम्मानित अतिथियों का साहित्यिक क्षेत्र में योगदान पर प्रकाश डाला। समारोह में कंवर सतनाम सिंह खालसा स्कूल के बच्चों ने कविश्री प्रस्तुत कर वातावरण को जीवंत बना दिया। प्रसिद्ध कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से पंजाबी मातृभाषा, संस्कृति और पर्यावरण के प्रति प्रेम का संदेश दिया। कार्यक्रम में अनेक कवियों और साहित्यकारों ने गीत, गजल और कविताओं से श्रोताओं को भावविभोर किया। अध्यक्ष मंडल में कंवलजीत सिंह टोनी, चंद्र शेखर शिंगारी, दलबीर सिंह रियाड़ और हरभजन सिंह नाहल ने अपने विचार रखे। यहां सभा की सीनियर उपप्रधान गुरबचन कौर दुआ भी मौजूद रहीं।


