मनरेगा को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि रोजगार की कानूनी गारंटी देने के बजाय अब उसे योजनाओं में समेटने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल ने कहा कि राम जी के नाम की आड़ में मनरेगा को धीरे-धीरे समाप्त करने की योजना बनाई जा रही है, जो सीधे तौर पर गरीब और मजदूर वर्ग के हक पर हमला है। उन्होंने इसे गरीब मजदूर के अधिकारों की लड़ाई बताते हुए सरकार से जवाब मांगा। कोटा में कांग्रेस कमेटी की ओर से मनरेगा बचाओ अभियान के तहत जिला कलेक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन किया गया। धरने में शहर अध्यक्ष राखी गौतम, देहात अध्यक्ष भानु प्रताप, कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल, अमित धारीवाल सहित अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया। राम जी के नाम की आड़ लेकर मनरेगा को खत्म करने की योजना कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल ने कहा कि अभी देश को समझ में नहीं आ रहा है, केवल महात्मा गांधी का नाम हटाने का सवाल नहीं है। राम जी के नाम की आड़ लेकर, देश को भ्रम में डालकर इस मनरेगा को ही समाप्त करने की योजना है। नई योजना में कानून की गारंटी रोजगार की बजाय स्कीम बना दी। अब सरकार की इच्छा है। स्कीम लागू करें या ना करें। उसमें भी शर्तें जोड़ दी। पहाड़ी इलाके की गवर्नमेंट को 10 प्रतिशत देना पड़ेगा। अन्य स्टेट को 40 प्रतिशत का हिस्सा देना पड़ेगा। अब तो वह स्थिति हो गई कि ‘न नौ मन तेल होगा, न राधा नाचेगी’ गुंजल ने कहा कि स्टेटस की माली हालत क्या है, दो-दो साल में 1 रुपए का विकास नहीं करवा पा रहे। लाखों करोड़ रुपए का कर्जा है। 40 प्रतिशत खर्च सरकारें दे नहीं सकती। अब तो वह स्थिति हो गई कि ‘न नौ मन तेल होगा, न राधा नाचेगी’। इसका सीधा सा मतलब है मनरेगा का काम होगा ही नहीं। आप मनरेगा बंद करना चाहते हो। ये राजनीतिक नहीं गरीब मजदूर के हक की है लड़ाई उन्होंने कहा कि पहले गांवों में रोजगार के अभाव में शहरों की ओर पलायन हो रहा था। किसान घट रहा था, मजदूर बढ़ रहा था। इज्जत और सम्मान के साथ गांव में रोजगार मिले, इसीलिए कांग्रेस मनरेगा लेकर आई थी। आप इसमें राजनीतिक खेल मत करो। ये राजनीतिक लड़ाई नहीं है। ये गरीब मजदूर के हक की लड़ाई है। आप राम जी आड़ में उसका हक अधिकार छीन रहे हो। ये विश्वासघाती और पीठ में छुरा घोपने वाले लोग अंता उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी रहे मोरपाल सुमन के हार समीक्षा के वायरल लेटर पर गुंजल ने कहा कि ये भारतीय जनता पार्टी का आंतरिक मामला है। अगर मोरपाल का आरोप सच है, तो चुल्लू भर पानी में डूब कर मर जाने वाली बात है। मैं तो शुरू से ही कह रहा हूं। यह विश्वासघाती और पीठ में छुरा घोपने वाले लोग हैं। भाजपा के मंसूबों को कांग्रेस करेगी विफल शहर अध्यक्ष राखी गौतम ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेता मनरेगा को खत्म करने की योजना बना रहे हैं। उनके मंसूबों को कांग्रेस पार्टी विफल करके रहेगी। हमें राम जी के नाम से विरोध नहीं है। लेकिन जो अधिनियम 2005 में था। उस अधिनियम के तहत नाम बदलने का भ्रम फैलाने का काम किया। यह सरासर गलत है। गरीब लोगों के साथ कुठाराघात है। बीजेपी ने मनरेगा के मूल स्वरूप को तोड़ने का किया काम देहात अध्यक्ष भानु प्रताप ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में आर्थिक स्थिति कमजोर ना हो। लोगों को गांव में रोजगार मिले। इसी मांग को लेकर देशभर में कांग्रेस सड़क पर उतरी है। बीजेपी सरकार ने मनरेगा के मूल स्वरूप को तोड़ने का काम किया। कांग्रेस इसके लिए लड़ाई लड़ेगी।


