झुंझुनू जिले के गुढ़ागौड़जी थाना पुलिस ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर क्षेत्र में हुई एक सनसनीखेज हत्या की गुत्थी को महज 24 घंटों के भीतर सुलझाकर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने 70 वर्षीय वृद्धा सीता देवी की नृशंस हत्या के आरोपी पड़ोसी युवक प्रीतम कुमार उर्फ लालू (26) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लूट के इरादे से घर में घुसा था और पहचान उजागर होने के डर से उसने वृद्धा की चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी थी। पड़ोस के ‘लालू’ ने ही रची थी खौफनाक साजिश पुलिस अधीक्षक बृजेश उपाध्याय के बताया कि मृतका सीता देवी गांव गुड़ा के बाजार में अपने घर (हवेली) में अकेली रहती थीं। आरोपी प्रीतम कुमार उर्फ लालू को जानकारी थी कि वृद्धा लोगों को पैसे उधार देती है और उसके पास काफी नकदी व जेवरात हो सकते हैं। आरोपी का इरादा बड़ी लूट को अंजाम देकर विदेश भागने का था। 25 जनवरी की रात आरोपी दीवार फांदकर घर में दाखिल हुआ। जब सीता देवी ने उसे पहचान लिया और शोर मचाने की कोशिश की, तो आरोपी ने पहले उनका गला दबाया और फिर चाकू से गला रेतकर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि रात करीब साढ़े आठ बजे ही घर में घुस गया था। महिला अंधेरे चाकू से सब्जी काट रही थी। उस वक्त बिजली गई हुई थी। महिला से आवाज की तो वह उसी चाकू से महिला गला रेत दिया। इसके बाद सन्दूक से नकदी चोरी की और घर से फरार हो गया। संघर्ष ने छोड़े सुराग: ऐसे फंसा हत्यारा घटनास्थल के सूक्ष्म निरीक्षण से पुलिस को पता चला कि मृतका ने अपनी जान बचाने के लिए आरोपी का कड़ा मुकाबला किया था। इस संघर्ष के दौरान हत्यारे के हाथ और नाक पर भी चोटें आईं। पूरे घर में जगह जगह खून खून के टपके पड़े हुए थे। जगह जगह खून पड़ा मिला। पुलिस ने जब संदिग्धों की सूची बनाई, तो प्रीतम के शरीर पर ताजे घाव देखकर शक गहरा गया। डॉग स्क्वॉड ‘जस’ की सूझबूझ ने पलटा पासा जांच के दौरान डॉग स्क्वॉड के जांबाज डॉग ‘जस’ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। घटनास्थल से गंध (Scent) लेकर ‘जस’ करीब 200 मीटर दूर सीधे आरोपी प्रितम के पिता चौथमल शर्मा के घर जाकर रुक गया। इसके बाद जब पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचनाओं को जोड़ा, तो कड़ियां आपस में मिलती चली गईं। पुलिस की विशेष टीम ने चंद घंटों में दबोचा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र सिंह राजावत और वृताधिकारी महावीर सिंह के मार्गदर्शन में थानाधिकारी सुरेश कुमार रोलन के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को दस्तयाब कर पूछताछ की, जिसमें उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। इस ‘ब्लाइंड मर्डर’ को सुलझाने में गुढ़ागौड़जी थानाधिकारी सुरेश कुमार रोलन, उदयपुरवाटी थानाधिकारी रामपाल, नवलगढ़ थानाधिकारी अजय सिंह और उपनिरीक्षक उमराव सहित पूरी टीम का विशेष योगदान रहा। विशेष रूप से कांस्टेबल महावीर प्रसाद और संजय सिंह का खास सहयोग रहा।


