जिले के विजयपुर इलाके में नाबालिग से रेप के मामले की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान नाबालिग की मौत हुई थी। पीएम में पता चला था कि वह गर्भवती थी। पुलिस ने नाबालिग आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उसे बाल न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया है। अज्ञात आरोपी पर 5 हजार रुपए का इनाम घोषित था। बता दें कि पिछले वर्ष अक्टूबर महीने में जिले के विजयपुर थाना अंतर्गत एक मामला सामने आया था। थाना क्षेत्र की 16 वर्षीय एक नाबालिग बच्ची का काफी समय से स्वास्थ्य खराब रहने पर परिजनों द्वारा उसका उपचार करवाया गया। उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 25 अक्टूबर को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामला जांच में लिया था। नाबालिग 5-6 महीने की गर्भवती थी
मामला नाबालिग लड़की की मौत का था। इसलिए डॉक्टरों के पैनल द्वारा लड़की के शव का पीएम किया गया। इसमें सामने आया कि नाबालिग 5-6 महीने की गर्भवती थी। इस वजह से उसके भ्रूण, टिश्यू, गर्भाशय आदि अंग जब्त कर डीएनए परीक्षण के लिये भेजे गए। जांच में लड़की के गर्भवती की बात सामने आने के बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ रेप और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया था। मृतक नाबालिग किशोरी के साथ पूर्व में हुई बलात्कार की घटना को पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार सिंहा द्वारा गंभीरता से लिया गया। उन्होंने अज्ञात आरोपी की जल्द से जल्द पहचान कर उसे गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। साथ ही आरोपी की गिरफ्तारी पर 5 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया था। SDOP राघौगढ़ दीपा डोडवे के मार्गदर्शन में विजयपुर थाना पुलिस द्वारा प्रकरण की विवेचना की गई। इस दौरान प्रकरण की विवेचना अधिकारी निरीक्षक पूनम सविता (तत्कालीन थाना प्रभारी विजयपुर) द्वारा मृतिका के परिजनों से पूछताछ करने पर उनके द्वारा बच्ची का किसी से कोई प्रेम संबंध होने की उन्हें कोई जानकारी नहीं होना बताया था। इस बीच निरीक्षक पूनम सविता का स्थानांतरण हो जाने पर अग्रिम विवेचना थाना प्रभारी कृपाल सिहं परिहार के द्वारा की गई। मोबाइल नंबर राजस्थान का निकला
इसमें उनके द्वारा मृतिका के परिजनों के मोबाइल नंबर प्राप्त कर सायबर सेल के माध्यम से उनका कॉल रिकॉर्ड निकलवाया गया। कॉल रिकॉर्ड में यह सामने आया कि एक नंबर पर निरंतर और लंबी-लंबी बात होती थी। पुलिस ने उस मोबाइल नंबर का पता किया, तो वह नंबर राजस्थान का निकला। पुलिस ने उस नंबर से तलाश की तो पता चला कि वह नंबर एक नाबालिग लड़का चला रहा है। पुलिस ने उस लड़के से पूछताछ की उसने बताया कि मृतक नाबालिग लड़की से उसकी दोस्ती थी। उसके गांव में ही लड़की की रिश्तेदारी थी, जिस वजह से वह गांव आती जाती रहती थी। इसी दौरान उससे संबंध बने। पुलिस ने उस लड़के का DNA परीक्षण कराया। DNA रिपोर्ट में लड़के के सैंपल पॉजिटिव मिले
DNA रिपोर्ट में मृतिका और उस लड़के की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इससे यह पक्का हो गया कि उसी के द्वारा ही मृतक नाबालिग किशोरी के साथ गलत काम किया गया था। पुलिस द्वारा विधि विवादित किशोर को पुलिस अभिरक्षा में लेकर विशेष किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे बाल संप्रेषण गृह भेज दिया है। मृतक नाबालिग किशोरी से बलात्कार के अज्ञात आरोपी की पहचान कर प्रकरण की गुत्थी सुलझाने में विजयपुर थाना प्रभारी SI कृपाल सिंह परिहार, ASI हरिचरण मीणा, रेखा नामदेव, प्रधान आरक्षक चिरोंजीलाल, महिला आरक्षक सपना रघुवंशी, आरक्षक गिरजेश कुमार, आरक्षक चालक रामवीर सिंह, अशोक कुशवाह, चन्द्रभान जाटव और अनिल धाकड़ की भूमिका रही।


