गुरुग्राम में झारखंड की इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर की मौत में ट्विस्ट:मां बोली- हत्या हुई, मुझे दोस्त पर शक; PG में फंदे पर लटकी मिली थी

हरियाणा के गुरुग्राम में फर्रुखनगर के एक पीजी में रहने वाली 22 वर्षीय मुस्कान शुक्ला की मौत का मामला 33 दिन बाद फिर सुर्खियों में आ गया है। अभी तक पुलिस इसे सुसाइड केस मानकर कार्रवाई कर रही थी। अब मुस्कान की मां निगम शर्मा गुरुग्राम पहुंचीं और केस की नए सिरे से जांच की मांग की। शुक्रवार को वह पुलिस कमिश्नर ऑफिस पहुंचेंगी। मां ने कहा कि इस केस में मुस्कान के दोस्त से दोबारा पूछताछ की जानी चाहिए। मां को शक है कि कहीं ऐसा न हो कि मुस्कान को मारने के बाद लटकाया गया हो। मुस्कान मूलरूप से झारखंड के नदुआ गांव की थी। पहले वह अमेजन कंपनी में काम करती थी। करीब दो महीने पर पहले जॉब छोड़ी और नई नौकरी की तलाश में थी। मुस्कान सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर सक्रिय थी। इंस्टाग्राम समेत अन्य प्लेटफार्म पर शॉर्ट व रील बनाती थी। मुस्कान के साथ उसका छोटा भाई सचिन रहता था। कुछ समय से उसका दोस्त निहाल भी साथ रहने लगा। निहाल किसी प्राइवेट कंपनी में काम करता है। परिजनों के शक की एक वजह ये भी है कि घटना के बाद से ही वो कहीं और रहने लगा है। अब सिलसिलेवार पढ़िए…उस रात क्या हुआ और अब तक केस में क्या हो चुका भाई जन्मदिन मनाने चला गया, पीछे से मौत
15 अगस्त को मुस्कान के भाई सचिन का जन्मदिन था, तो वह गुरुग्राम से बाहर था। रात को करीब 9:30 बजे मुस्कान ने बाहर जाकर डोसा खाया और भाई सचिन से UPI से 230 रुपए मंगवाए। इसके बाद वह अपने कमरे पर चली गई। प्रेमानंद महाराज का स्टेट्स लगाया, फिर फंदे पर झूली
आधी रात के बाद 12:20 मिनट पर मुस्कान ने वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज का एक स्टेट्स लगाया था। इसी दौरान रात को एक बजे तक निहाल, मुस्कान और पीजी में रहने वाली एक लड़की घर के बाहर बैठ कर बात करते रहे। फिर उसने कमरे पर जाकर फंदा लगा लिया। दोस्त ने मां को बताया वह सो गया था
मां निगम शर्मा ने बताया कि उनकी तीन बेटियां और एक बेटा है। मुस्कान दूसरे नंबर की थी। घटना वाले दिन निहाल, मुस्कान व पीजी में रहने वाली एक लड़की रात को एक बजे तक कमरे से बाहर बैठे बात कर रहे थे। रात को ढाई बजे उसके पास निहाल का कॉल आया कि मुस्कान ने सुसाइड कर लिया है। तीन बजे डॉक्टरों से भी बात की थी। जब निहाल से परिजनों ने पूछा तो उसने जवाब दिया था कि वह सो गया था। पीजी के कमरा नंबर 7 में रहती थी
मुस्कान यहां नरेश यादव के पीजी के कमरा नंबर-7 में अपने भाई सचिन के साथ डेढ़ साल से फर्रुखनगर में रह रही थी। कुछ समय बाद निहाल भी वहां आ गया। इससे पहले निहाल कहीं और काम करता था। पुलिस मान रही आत्महत्या
जांच अधिकारी सब-इंस्पेक्टर जयपाल ने बताया कि प्रारंभिक जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के हिसाब से ये आत्महत्या का मामला है, अगर परिवार वालों की तरफ से कोई तथ्य पेश किया जाता है तो हम दोबारा से दोस्तों से पूछताछ करेंगे।

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