दुर्ग जिले में राइस मिल संचालक से मिलीभगत कर सरकारी चावल की तस्करी करने का मामला सामने आया है। फूड डिपार्टमेंट की टीम ने करहीडीह स्थित गुरुदेव राइस मिल के अंदर से एक गाड़ी चावल जब्त किया। उसे जेवरा सिरसा चौकी में रखा गया है। अब नान की टीम चावल की जांच करेगी कि वो पीडीएस चावल है या नहीं। सहायक खाद्य अधिकारी वसुधा गुप्ता ने बताया कि, उन्हें रविवार को सूचना मिली थी कि पिकअप वाहन CG 07 BE 9873 में पीडीएस का चावल लोड कर ले जाया जा रहा है। जब उनकी टीम वहां पहुंची तो उन्हें पता चला गाड़ी गुरुदेव राइसमिल के अंदर गई है। फूड डिपार्टमेंट के अधिकारी जब गुरुदेव राइसमिल के अंदर पहुंचे, तो देखा कि गाड़ी से चावल अनलोड किया जा रहा है। वहां राइसमिल के संचालक राजेश कुमार जैन भी मौजूद थे। फूड इंस्पेक्टर वसुधा गुप्ता ने प्रथम दृष्टया जांच में पाया कि चावल पीडीएस का है। इसके बाद उन्होंने उतरे हुए चावल को गाड़ी में लोड कराया और पंचनामा कार्रवाई के बाद उसे गाड़ी सहित जेवरा सिरसा पुलिस चौकी में खड़ा करा दिया है। जेवरा सिरसा चौकी प्रभारी का कहना है कि फूड विभाग ने उनकी सुपुर्दगी में 42 कट्टा चावल से भरी पिकअप गाड़ी को खड़ा करवाया है। राइस मिल संचालक ने कहा- उनके यहां नहीं उतरा चावल जब गुरुदेव राइस मिल के संचालक राजेश कुमार जैन से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसी कोई जानकारी नहीं है। फूड इंस्पेक्टर गलत बोल रही हैं। उनके यहां कोई भी चावल नहीं उतर रहा था ना कोई कार्रवाई हुई है। वहीं फूड इंस्पेक्टर का कहना है कि राजेश जैन ने पंचनामा कार्रवाई में खुद हस्ताक्षर किया है कि उनकी मिल के अंदर से चावल जब्त हुआ है।


