गेट एग्जाम:जूते में ब्लूटूथ, वाशरूम में जाकर ​कॉल किया फिर ईयरबड से सुनकर कर रहे थे नकल

ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (गेट) में नकल का मामला सामने आया है। इसमें शामिल 6 “मुन्ना भाई’ को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी हरियाणा से हैं। इनमें से 3 परीक्षा केंद्र के भीतर ब्लूटूथ और रिसीवर डिवाइस के माध्यम से बाहर बैठे 3 सहयोगियों से परीक्षा में पूछे गए सवालों को हल कर रहे थे। आरोपी ब्लूटूथ रिसीवर को अपने जूते में छिपाकर सेंटर में पहुंचे थे। साथ में बहुत छोटे साइज का ब्लूटूथ इयर डिवाइस था, जिसका रंग भी स्किन से मैच करता है। इस डिवाइस को आरोपियों ने वॉशरूम में एक्टिवेट किया और परीक्षा देने के लिए बैठे। वहीं बाहर बैठा सहयोगी प्रश्नों का जवाब इंटरनेट की मदद से दे रहा था। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार एग्जाम से पहले ही मुखबिर से सूचना मिली थी कि सरोना स्थित आयन डिजिटल जोन परीक्षा केंद्र में नकल चल रहा है। सूचना के बाद से सेंटर के बाहर नजर रखी जा रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध युवक पर पुलिस की नजर पड़ी, जिसकी तलाशी के दौरान इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस मिला। पूछताछ में उसने नकल के पूरे खेल के बारे में बताया। पुलिस की टीम तत्काल सेंटर के भीतर पहुंची और बताए गए हुलिया के अनुसार परीक्षार्थी की जांच की। जांच में परीक्षार्थी से ब्लूटूथ रिसीवर और ब्लूटूथ ईयर डिवाइस जब्त किया गया। मामले में दर्शन सहवाग (26), सुमित सहवाग (30), लक्ष्मीनारायण उर्फ लक्की (36), अमर (32), नरेंद्र कुमार (29) और बंटी कुमार (38) को गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपी हरियाणा के अलग-अलग जिले से हैं। आरोपियों के पास से 3 ब्लूटूथ ईयर डिवाइस, 4 ब्लूटूथ इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, 8 मोबाइल फोन, तीन सिम कार्ड और अन्य सामग्री जब्त की गई। शेष|पेज 7 बिलासपुर में भी सामने आया था मामला: जुलाई 2025 में पीडब्लूडी के जूनियर इंजीनियर भर्ती परीक्षा में बिलासपुर में हाइटेक तरीके से नकल का मामला सामने आया था। इसमें परीक्षा देने वाला आरोपी माइक्रो कैमरे से बाहर बैठी सहयोगी को प्रश्न पत्र भेजा और बाहर से महिला सहयोगी वॉकी टॉकी की मदद से प्रश्नों के उत्तर दे रही थी। होटल में बैठकर मदद कर रहे संदिग्ध से खुला मामला: रायपुर पुलिस को जब नकल प्रकरण के बारे में मुखबिर से सूचना मिली तो सबसे पहले सभी केंद्रों को इसे लेकर अलर्ट जारी किया गया। विशेष सूचना के आधार पर केंद्र के कर्मचारियों ने परीक्षार्थियों की जांच भी की। इस जांच में कोई भी आरोपी नहीं पकड़ाए। केंद्र के कर्मचारियों से इसकी सूचना पुलिस को दी, लेकिन पुलिस को मजबूत इनपुट मिला था। यही कारण है कि पुलिस ने डीडी नगर थाना और एसीसीयू की टीम गठित की। टीम परीक्षा केंद्र के आसपास गोपनीय तरीके से तैनात थी। टीम के कुछ सदस्य केंद्र के बाहर होटल में बैठे हुए थे, तभी उनकी नजर एक युवक पर पड़ी जो नाश्ता कर रहा था, लेकिन इस बीच बातचीत भी कर रहा था। उसके पास कोई डिवाइस नहीं दिख रहा था। यहीं से टीम को शक हुआ। टीम ने युवक को पकड़ा और पूछताछ की तो पूरा मामला खुल गया। युवक की तलाशी ली गई तो उसके पास से डिवाइस मिला। पूछताछ में आरोपियों द्वारा अंदर परीक्षा दे रहे साथियों का नाम बताया। इसके बाद टीम परीक्षा केंद्र के भीतर पहुंची और संदेहियों की तलाशी ली तो उनके पास से भी ब्लूटूथ इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस मिला। आरोपी परीक्षार्थियों ने बताया कि ब्लूटूथ डिवाइस के माध्यम से परीक्षा केंद्र में बैठकर प्रश्न को पढ़ते और बाहर बैठा साथी उसका जवाब देता। 2 लाख में हुई थी डील, आरोपियों में 2 बीटेक
इस पूरे नकल प्रकरण के लिए 2 लाख रुपए प्रति परीक्षार्थी के आधार पर डील हुई। इसके लिए आरोपियों ने ब्लूटूथ डिवाइस भी दिल्ली से मंगाई थी। हालांकि इस नकल के खेल का मास्टरमाइंड हरियाणा का है, जो पुलिस की पकड़ से बाहर है। उसकी तलाश की जा रही है। पुलिस ने बताया कि नकल कराने में यह अंतरराज्यीय गिरोह पहले से ही सक्रिय रहा है। आरोपी दर्शन सहवाग, लक्ष्मीनारायण उर्फ लक्की और अमर परीक्षा दे रहे थे। आरोपी सुमित सहवाग, नरेंद्र कुमार और बंटी कुमार बाहर से परीक्षा में नकल करने में इनकी मदद कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक इनमें से दो आरोपी बीटेक हैं। जानिए, क्यों जरूरी है गेट
गेट परीक्षा के स्कोर के आधार पर ही आईआईटी, ट्रिपलआईटी, एनआईटी और केंद्रीय विश्वविद्यालयों में एमटेक, एमई या पीएचडी में प्रवेश मिलता है। योग्य अभ्यर्थियों को एआईसीटीई द्वारा मासिक स्टाइपेंड मिलता है। साथ ही एनटीपीसी, ओएनजीसी व भेल जैसी कंपनियों में इंजीनियर भर्ती के दौरान गेट स्कोर भी स्वीकार करती है। दो आरोपी सरकारी नौकरी में प्रमोशन के लिए परीक्षा देने आए परीक्षा के दौरान नकल करते पकड़े गए 3 आरोपी और मददगार तीनों आरोपी मूलत: हरियाणा के रहने वाले हैं। ये सभी एक दिन पहले ही रायपुर पहुंचे थे। सभी ने एम्स रायपुर के ठीक सामने स्थित होटल में कमरा लिया। इनमें से दो आरोपी पहले से ही नौकरी में हैं। लक्ष्मीनारायण उर्फ लक्की अंबाला में रोड बनाने वाली कंपनी में कार्यरत है और उसकी सैलेरी 70 हजार रुपए है। इसी तरह अमर जम्मू कश्मीर के नेशनल थर्मल पावर कंपनी में पदस्थ है और उसकी सैलेरी 1 लाख रुपए से अधिक की है। दरअसल, गेट स्टोर के आधार पर देशभर के टॉप आईआईटी, ट्रिपलआईटी, एनआईटी और केंद्रीय विश्वविद्यालयों में एमटेक, एमई या पीएचडी में प्रवेश मिलता है। साथ ही अच्छे स्कोर के आधार पर ही अभ्यर्थियों को एआईसीटीई की ओर से मासिक स्टाइपेंड दिया जाता है। आरोपियों ने परीक्षा के दौरान पहले ही रायपुर के बारे में जानकारी जुटा ली थी। इन्होंने ऐसे सेंटर का चयन किया, जो शहर से दूर हो। यही कारण है कि सरोना के आयन डिजिटल जोन को परीक्षा केंद्र के रूप में चुना गया। पुलिस को प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि यहां करीब 500 से अधिक लोग परीक्षा देने के लिए आए थे। परीक्षा 7-8 फरवरी और 14-15 फरवरी को आयोजित की गई थी।

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