गोगांवा पंचायत में 53 लाख का घोटाला:बिना काम और बिल के दिखाया खर्च; सरपंच निष्काषित, 6 माह में चौथे सरपंच पर कार्रवाई

खरगोन जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत गोगांवा में 43 लाख रुपए की वित्तीय गड़बड़ी मिलने पर सरपंच रेशमाबाई राजेंद्र राणा को पद से हटा दिया गया है। सरपंच रेशमाबाई के खिलाफ मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 40 के तहत कार्रवाई की गई है। उपसरपंच ने ग्राम पंचायत में घोटाले की शिकायत की थी। शिकायत के आधार पर हुई जांच में गड़बड़ी पाए जाने पर जिला पंचायत CEO आकाश सिंह ने आदेश सरपंच को पदस्थापना करने के आदेश जारी किए। जांच में फर्जी तरीके से बिना बिल दिखाए सरकारी पैसे का उपयोग करना पाया गया था। अब पूर्व-सरपंच 6 साल तक चुनाव भी नहीं लड़ पाएंगी। पंचायत सचिव को भी 24 दिसंबर को पक्ष रखने के लिए नोटिस भेजा है। मामले में लिप्त पाए जाने पर सचिव पर भी कार्रवाई हो सकती है। खरगोन अनुभाग में बीते 6 माह में टांडाबरूड, ऊन और धूलकोट ग्राम पंचायतों में घोटालों पर एक्शन के बाद ये चौथी कार्रवाई है। बिना बिल वाउचर दिखाया खर्च
उप-सरपंच अमरसिंह कदम ने सरपंच व सचिव के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत की थी। इसके बाद जिलास्तरीय लेखाधिकारी मंशाराम कनासे, सहायक यंत्री नेहा परमार और रीडर समरसिंह सिंगोरिया की जांच कमेटी बनाई गई। जांच में पाया गया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत कचरा संग्रहण में निविदा शर्तों का पालन नहीं किया गया था। इसके अलावा सरपंच ने पांचवें वित्त आयोग मद में मिले 74 लाख 92 हजार 422 रुपए में से 53 लाख 94 हजार 225 रुपए का खर्चा ऑनलाईन पोर्टल पर दिखाया लेकिन इस खर्च के कैशबुक, वाउचर, इस राशि से हुए कार्यों का विवरण, अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए।

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