गोरखपुर पुलिस ने एक फर्जी इंस्पेक्टर को भी गिरफ्तार किया है। आरोपी पुलिस की वर्दी पहनकर न सिर्फ लोगों पर रौब जमाता था, बल्कि नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी और सड़क पर चेकिंग के बहाने वसूली भी करता था। सिकरीगंज पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर उसके कब्जे से उत्तर प्रदेश पुलिस की वर्दी, फर्जी पहचान पत्र, नेम प्लेट, बैज, स्टार, पेनड्राइव, मोबाइल फोन और एक अल्टो कार बरामद किया है।
एसपी साउथ दिनेश पुरी ने बताया कि सिकरीगंज थानाध्यक्ष आशीष कुमार तिवारी के नेतृत्व में उपनिरीक्षक वैजनाथ बिंद, उपनिरीक्षक दीपक कुमार, कांस्टेबल राजू यादव और कांस्टेबल संदीप कुमार की टीम को सूचना मिली थी कि सिकरीगंज कस्बा क्षेत्र में पुलिस की वर्दी पहनकर एक संदिग्ध व्यक्ति घूम रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने सिकरीगंज-बेलघाट मार्ग पर डड़िहथ मोड़ के पास एक अल्टो कार (संख्या यूपी32 एनजे 0853) को रोका गया। कार सवार व्यक्ति पुलिस निरीक्षक की वर्दी पहने हुए था, लेकिन पूछताछ के दौरान वह अपने पद और तैनाती से संबंधित कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने फर्जी दस्तावेजों के सहारे खुद को पुलिस अधिकारी बताकर ठगी करने की बात स्वीकार कर ली। उसकी पहचान दिग्विजय नाथ निवासी ग्राम लखवापाकड़, थाना बेलघाट, जनपद गोरखपुर के रूप में हुई है। एसपी साउथ ने बताया कि आरोपी खुद को उत्तर प्रदेश पुलिस का इंस्पेक्टर बताकर लोगों से नौकरी लगवाने के नाम पर पैसे लेता था। भदारखास-बढ़यापार निवासी धीरज शर्मा उसके शिकार हुए हैं। उनकी तहरीर पर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपी अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बना चुका है।


