भास्कर न्यूज | अमृतसर लोहारका रोड पर स्कूली बच्चों के बीच मामूली झगड़े में सरपंच की ओर से गोली चलाए जाने के मामले में पुलिस की ओर से अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है इसे लेकर पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि घटना का सीसीटीवी सामने आने के बावजूद भी पुलिस ने अभी तक कोई केस दर्ज नहीं किया है। सरपंच की गोली से घायल हुए युवक के परिजन ओंकार सिंह ने कहा कि बच्चों के आपसी झगड़े को बहाना बनाकर गोली चलाना एक गंभीर आपराधिक कृत्य है, लेकिन पुलिस अब तक आरोपियों को गिरफ्तार करने में नाकाम रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों को बचाने के लिए कार्रवाई में जानबूझकर देरी की जा रही है। उन्होंने कहा कि एक कांग्रेसी नेता ने घटना के बाद सीसीटीवी फुटेज डिलीट करवाई थी। उस कांग्रेसी नेता का बेटा भी गोलीकांड में शामिल था। पीड़ित परिवार ने बताया कि घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और आम लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। ओंकार सिंह ने कहा कि अगर सीसीटीवी सबूत होने के बावजूद कार्रवाई नहीं होती, तो आम नागरिकों का कानून व्यवस्था से भरोसा उठ जाएगा। पीड़ित परिवार ने इस मामले में पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित बताया। परिवार का कहना है कि कानून सबके लिए समान होना चाहिए और किसी भी आरोपी को राजनीतिक रसूख के आधार पर राहत नहीं मिलनी चाहिए। पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।


