कनाडा से आए एक उच्च स्तरीय सिख प्रतिनिधि मंडल ने आज (शनिवार को) सिखों के केंद्रीय धार्मिक स्थल गोल्डन टेंपल पहुंचकर दर्शन किए। इस दल में कनाडा की कंजर्वेटिव पार्टी के शैडो वित्त मंत्री और सांसद जसराज सिंह हालण, सांसद अमरप्रीत सिंह गिल (कैलगरी स्काईव्यू) और सांसद दलविंदर सिंह गिल शामिल थे। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजेंद्र सिंह धामी और शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने प्रतिनिधि मंडल का स्वागत किया। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल और शिरोमणि कमेटी के बीच विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। सांसद जसराज सिंह हालण और दलविंदर सिंह गिल ने कहा कि पूर्ण गुरसिखी स्वरूप में कनाडा की संसद में मानवता की बात करना उनके लिए गर्व का विषय है। बोले- कनाडा में नहीं हेाता किसी के साथ भेदभाव तीनों सांसदों ने कनाडा को ‘लैंड ऑफ अपॉर्चुनिटीज’ बताते हुए कहा कि वहां किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं होता। उन्होंने बताया कि उनके कार्यालय हर किसी की मदद के लिए हमेशा खुले हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि कनाडा में सिखों द्वारा चलाए जा रहे स्कूल वहां के टॉप 15 शिक्षण संस्थानों में आते हैं, जहां आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ गुरमत और कीर्तन की शिक्षा भी दी जाती है। कल्चरल एक्सचेंज प्रोग्राम शुरू करने की आवश्यकता पर जोर डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने पंजाबी युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने के लिए ‘कल्चरल एक्सचेंज’ प्रोग्राम शुरू करने की आवश्यकता पर जोर दिया। कनाडा में हाल ही में वीजा नियमों में हुई सख्ती पर बात करते हुए सांसदों ने कहा कि समय के साथ नियमों में बदलाव स्वाभाविक हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि सही और कानूनी रास्ते से आने वालों के लिए कनाडा में आज भी अवसरों की कोई कमी नहीं है। इस अवसर पर कहा गया, “यह गुरु साहिब की बड़ी कृपा है कि विदेशों में बसे सिख न केवल राजनीति में ऊंचे मुकाम हासिल कर रहे हैं, बल्कि अपने सिख स्वरूप और जीवन को भी बखूबी संभाल रहे हैं।”


