तीन साल से अटका गोविंददेवजी कॉरिडोर डेवलपमेंट प्लान का खाका अब नए सिरे से तैयार किया जाएगा। यूडीएच विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने मंदिर का विकास महाकाल लोक की तर्ज पर करने की घोषणा की है। अब जेडीए इसका प्लान बनाएगा और प्रस्ताव मंजूरी के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी करेगा। इस कॉरिडोर की घोषणा पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने 2023-24 में की थी। तब 120 करोड़ रुपए की घोषणा हुई और 15 करोड़ रुपए के विकास कार्यों के वर्कऑर्डर के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया। 100 करोड़ रुपए के विकास कार्यों के लिए केवल डीपीआर ही जारी हुई थी। पुराने प्लान की समीक्षा करेगा, नए को आकार देगा जयपुर विकास प्राधिकरण गोविंददेवजी मंदिर कॉरिडोर के प्लान पर काम कर प्रपोजल तैयार करेगा। अनुमान है कि पूर्व स्वीकृत प्लान की समीक्षा कर नए सिरे से प्लानिंग होगी। 5 से 6 महीने में प्लान बनाकर काम शुरू करने की तैयारी की जा रही है। प्लान बनने के बाद सरकार को भेजा जाएगा। स्वीकृति मिलते ही काम शुरू हो जाएगा। पूर्ववर्ती सरकार ने 5 किमी का कॉरिडोर बनाने की प्लानिंग की थी पूर्ववर्ती सरकार के प्लान में हेरिटेज वॉक और पाथवे, मंदिर के लिए शटल बसें, हेरिटेज ट्राम, बुजुर्ग महिलाओं को मंदिर तक पहुंचाने के लिए ई-रिक्शा, स्कूटर, मल्टी स्टोरी पार्किंग, तालकटोरा झील में म्यूजिकल फाउंटेन-शो, कृष्णा म्यूजियम और स्पिरिचुअल सेंटर, भगवान श्रीकृष्ण के जीवन को दर्शाने स्कल्पचर पार्क बनाने की प्लानिंग हुई थी। मंदिर के लिए 5 किमी कॉरिडोर तैयार किया जाएगा।


