फाग का उल्लास, रंगों की मस्ती और सुरों की मिठास… लेकिन गोविंददेवजी मंदिर में मंगलवार को फागोत्सव का पहला दिन उम्मीदों के उलट घटनाक्रम का साक्षी बन गया। कार्यक्रम के बीच लाइटें बंद कर दी गईं, साउंड सिस्टम और वाद्य यंत्र ठहर गए, और पद्मश्री गुलाबो सपेरा को बिना लाइट प्रस्तुति देनी पड़ी। गोविंददेवजी मंदिर में तीन दिवसीय फागोत्सव की शुरुआत मंगलवार से हुई। सुबह 10 बजे से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु सत्संग भवन में जुटने लगे थे। करीब सवा 11 बजे कार्यक्रम शुरू हुआ, जिसे दोपहर 3 बजे तक चलना था। पद्मश्री गुलाबो सपेरा एंड पार्टी की प्रस्तुति आखिरी में निर्धारित थी। उनकी प्रस्तुति का समय आया, उसी दौरान लाइटें बंद कर दी गईं। लाइट बंद होते ही साउंड सिस्टम और म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट्स भी ठप हो गए। शुरुआत में बताया गया कि बिजली चली गई है, लेकिन विद्युत आपूर्ति की जानकारी सामने आई। बाद में समयावधि पूरी होने का हवाला देते हुए कार्यक्रम रोकने की हिदायत दे दी गई।` मांड गायक बिना साउंड प्रस्तुति नहीं दे पाए
जोधपुर से आए मांड गायक बनारसी बिना साउंड के प्रस्तुति नहीं दे पाए। उनके साथ 14 कलाकार थे। जयपुर के भजन गायक अविनाश शर्मा ने टीम के साथ बिना साउंड के कुछ देर परफॉर्मेंस दी। साथ आए 40 से 50 कलाकार परफॉर्मेंस नहीं दे पाए। फागोत्सव के पहले ही दिन इस घटनाक्रम ने आयोजन की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए। धामाणी परिवार द्वारा पांच दशक से अधिक समय से आयोजित यह फागोत्सव जयपुर की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा रहा है। ऐसे में पहले दिन की यह स्थिति चर्चा का विषय बन गई। “मुझे जानकारी नहीं है कि लाइटें चली गई थीं या बंद कर दी गईं, क्योंकि मैं और मानस जी दोनों ही
मंदिर में नहीं हैं।” -अमोल पाठक, व्यवस्थापक, गोविंददेवजी मंदिर प्रबंधन “गोविंददेवजी मंदिर में फागोत्सव देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग आए, लेकिन अचानक बिजली जाने से अव्यवस्थाएं हुई हैं। कई माता-बहनें फाग के दौरान साउंड बंद होने से मायूस हो गईं।” – अनिल शर्मा, पुरानी बस्ती जयलाल मुंशी का रास्ता निवासी “मंदिर प्रबंधन ने पहले लड्डू प्रसादी देना बंद कर दिया। वहां महंत परिवार की मनमर्जी चलती है। आज फाग के दौरान अचानक लाइट काट दी गई। यह उचित नहीं हैं।” – नवल किशोर, निवासी घाटगेट मीना बाजार


