गोष्ठी: महिलाओं ने अपने काम और सोच को समाज के सामने लाने पर चर्चा की

सिटी रिपोर्टर| भिलाई अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर महिला संस्था स्वयंसिद्धा की ओर से आयोजित गृहणियों की साहित्यिक गोष्ठी हुई। इसका विषय बेलन, चक्की और कलम था। इसमें रसोई और घर के कामकाज से होते हुए अपने काम और सोच को समाज के सामने लाने पर चर्चा हुई। इसके अंतर्गत स्मारिका प्रत्यावर्तन पर समीक्षा आलेख पढ़े गए। मुख्य अतिथि प्रख्यात चित्रकार साधना ढांड थी। मुख्य वक्ता सरला शर्मा, कार्यक्रम अध्यक्ष संतोष झांझी एवं विशेष अतिथि डॉ. सुचित्रा शर्मा थीं। संस्था की डायरेक्टर डॉ. सोनाली चक्रवर्ती ने बताया कि महिलाओं में पठन- पाठन एवं साहित्यिक रुचि जगाने के लिए बीते सात वर्षों से ऑनलाइन-ऑफलाइन कार्यक्रम चलाए जाते हैं। उसी कड़ी में गोष्ठियां आयोजित की जाती हैं। प्रमुख वक्ता सरला शर्मा ने भाषा की उत्पत्ति से लेकर महिला लेखन तक गंभीर विवेचना पूर्ण उद्बोधन दिया। कवियत्री संतोष झांझी ने महिला सशक्तिकरण एवं जागृति का गीत गाया। साधना ढांड को स्वयंसिद्धा सम्मान से एवं माया बनर्जी को तेजस्विनी सम्मान दिया गया। डॉ. सुधीर शर्मा ने उपस्थित सभी को उपहार स्वरूप पुस्तकें भेंट की।

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