गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में शिक्षा विभाग के युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया का विरोध जारी है। शिक्षकों और विभिन्न संगठनों ने विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। सर्व शैक्षणिक संगठन छत्तीसगढ़ ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने 3 और 4 जून को होने वाली अतिशेष शिक्षकों की काउंसलिंग को स्थगित करने की मांग की है। साथ ही 2008 के सेटअप के अनुसार युक्तियुक्तकरण करने का अनुरोध किया है। संगठन की प्रमुख मांगों में 2008 के सेटअप के मुताबिक, अतिशेष शिक्षकों की सूची तैयार कर पारदर्शी काउंसलिंग की मांग शामिल है। इसके अलावा जिला स्तर पर अतिशेष शिक्षकों की सूची का प्रकाशन और दावा-आपत्ति के लिए समय की मांग की गई है। अतिशेष शिक्षकों की सूची सार्वजनिक करने की मांग शिक्षक संगठनों ने कार्यरत, रिक्त और अतिशेष शिक्षकों की सूची सार्वजनिक करने की मांग की है। उनकी मांग है कि अतिशेष स्कूलों में स्वेच्छा से जाने वाले शिक्षकों को अवसर दिया जाए। कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों और संकुल समन्वयकों को युक्तियुक्तकरण से मुक्त रखा जाए। शिक्षा विभाग के अधिकारियों की भूमिका पर उठाए सवाल जिले में स्कूलों के विलय को लेकर पहले से ही शिकायतें आ रही थीं। अब विकासखंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा जारी अतिशेष शिक्षकों की सूची में विसंगतियां सामने आई हैं। इससे शिक्षकों में नाराजगी है और शिक्षा विभाग के अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाया जा रहा है।


