राजस्थान में पुलिस द्वारा 52 ट्रकों में गौवंश को मध्य प्रदेश भेजने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मंगलवार को विश्वकर्मा मंदिर में गौ रक्षकों और भाजपा कार्यकर्ताओं की एक बैठक हुई। इसमें कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। बैठक में बताया गया कि पुलिस की मौजूदगी में पहली बार गौवंश की गाड़ियां भेजी जा रही थीं। जिला कलेक्टर को इसकी जानकारी नहीं थी। गाड़ियों में चारा और पानी की व्यवस्था नहीं थी। गौ रक्षकों ने व्यवस्था करने की बात कही, लेकिन पुलिस ने उनकी एक न सुनी। इतना ही नहीं, गौ रक्षकों पर लाठियां चलाई गईं और उन्हें थाने में बंद कर दिया गया। भाजपा के वरिष्ठ नेता अनिल गुप्ता ने कहा कि भाजपा सरकार में यह घटना गलत है। उन्होंने मांग की कि यह जांच होनी चाहिए कि गौवंश किसके कहने पर और क्यों लाया गया। साथ ही दो गायों की मौत का मामला दर्ज किया जाए। कार्यकर्ताओं ने सरकार को दो दिन का समय दिया है। अगर इस मामले का खुलासा नहीं हुआ तो 17 को हजारों की संख्या में लोग आसपुर के महाराणा मैदान में एकत्र होंगे। वे विरोध प्रदर्शन करेंगे और सामूहिक इस्तीफा देंगे। साथ ही आसपुर थाने के दोषी पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित करने की मांग की गई है। बैठक में जिला संयोजक अनुराग, बजरंग दल संयोजक राजेंद्र सिंह अमृतिया, हसमुख सोनी, मगनलाल सोनी, सुरेश गर्ग, रेखा पंड्या, दीपक सेवक सहित कई समाजसेवी मौजूद थे।


