राज्य सरकार की पुनर्विचार याचिका पर आज सुप्राम कोर्ट ने हार्डकोर गो तस्कर नाजिम खान को नोटिस जारी किया है। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस उज्जल भुयान की बैंच ने नाजिम खान को नोटिस जारी करके उसे राज्य सरकार द्वारा दायर जमानत रद्द करने वाली याचिका पर जवाब देने के लिए कहा है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी से उत्तरप्रदेश की अदालतों में लंबित मामलों में पेश नहीं होने का कारण भी पूछा है। इसके साथ ही उसके खिलाफ दर्ज मामलों का स्टेट्स भी बताने को कहा है। दरअसल, गो तस्कर नाजिम खान को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने 21 अक्टूबर को जमानत दी थी। फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि इस मामले में राज्य सरकार की ओर से न तो किसी वकील का वकालतनामा पेश हुआ, न ही कोई वकील सुनवाई के दौरान उपस्थित हुआ। जिसके बाद सरकार ने पुनर्विचार याचिका पेश की थी। जमानत का दुरुपयोग कर चुका है आरोपी
राज्य सरकार की ओर से पैरवी करते हुए अतिरिक्त महाधिवक्ता शिव मंगल शर्मा ने बताया कि आरोपी के खिलाफ राजस्थान के अलावा उत्तर प्रदेश में गो तस्करी समेत कुल 7 मामले दर्ज है। इनमें से 4 समान प्रकृति (गो तस्करी) के हैं। आरोपी को कई मामलों में फरार घोषित किया जा चुका हैं। इसके खिलाफ उत्तर प्रदेश के संभल, हाथरस, आगरा और चंदौली में गैर जमानती वारंट लंबित है। आरोपी के जमानत का दुरुपयोग करने का रिकॉर्ड है। आरोपी आदतन गो तस्कर है। अगर आरोपी बाहर रहता है तो फिर से वह इसी तरह के अपराध को अंजाम दे सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने दी थी आरोपी को जमानत
सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस उज्जव भुयान की बेंच ने ही 21 अक्टूबर को आरोपी को जमानत दी थी। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था- आरोपी उत्तर प्रदेश का रहने वाला है, ऐसे में राजस्थान में मुकदमे के दौरान उसके अनुपस्थित रहने की संभावना है। लेकिन, उसे अनिश्चितकाल तक हिरासत में रखने का कोई कारण भी दिखाई नहीं देता है। पुलिस को चकमा देकर भागा था तस्कर
नाजिम खान पर आरोप है कि वह और उसके सह-आरोपी गो तस्करी में शामिल हैं। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार 13 फरवरी 2021 को करौली जिले के नादौती थाना क्षेत्र में पुलिस गश्त के दौरान गंगापुर सिटी की ओर से आ रहे एक कंटेनर को गो तस्करी की आशंका में रोका गया। कंटेनर की जांच करने पर उसमें अलग-अलग उम्र की 26 गाय थी। इनमें 3 से 6 साल की उम्र के 3 बछड़े और लगभग 5 साल की एक गाय मृत पाई गई। कंटेनर को जब्त कर लिया गया। ड्राइवर और एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया। लेकिन तीसरा व्यक्ति, जिसकी पहचान बाद में नाजिम खान के रूप में हुई वह भाग निकला था। इसे 30 अप्रैल 2024 को ही गिरफ्तार किया गया था।


