जिला परिषद झुंझुनूं के पर्यावरण संरक्षण अभियान और “स्वच्छ ग्राम–सशक्त पंचायत” संकल्प को धरातल पर उतारते हुए ग्राम पंचायत हंसासरी में एक ‘जीरो प्लास्टिक वेस्ट’ जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। स्वच्छ भारत मिशन के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में ग्रामीणों ने मिलकर गांव को कचरा मुक्त बनाने का संकल्प लिया। रैली का औपचारिक शुभारंभ राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय हंसासरी के प्रधानाचार्य विकास रूहिल ने हरी झंडी दिखाकर किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि पर्यावरण की रक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। पिरामल फाउंडेशन और प्रशासन की संयुक्त पहल इस प्रभावी पहल का नेतृत्व पिरामल फाउंडेशन के गांधी फेलो प्रमोद शेंडे एवं वर्षा दुबे द्वारा किया गया। वीडीओ रेनू कुमारी कारेल, सरिता आदि मौजूद थे। हाथों में तख्तियां और पर्यावरण संरक्षण के बैनर लिए स्कूली छात्र-छात्राओं ने पूरे जोश के साथ गांव रैली निकाली। विद्यार्थियों ने घर-घर जाकर ग्रामीणों को सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के खतरों से अवगत कराया और अपील की कि वे बाजार जाते समय प्लास्टिक की थैली के बजाय हमेशा कपड़े के थैले का उपयोग करें। रैली का समापन विद्यालय परिसर में हुआ, जहां उपस्थित सभी ग्रामीणों और अधिकारियों ने पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का वचन दिया। ग्रामीणों ने स्वेच्छा से घोषणा की कि वे अब से अपने दैनिक जीवन में प्लास्टिक के विकल्पों को अपनाएंगे।


