महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के वाल्मीकि सभागार में गुरुवार को ‘यंग थिंकर्स कंसर्ट विषय पर एक राष्ट्रीय कंसर्ट का आयोजन किया गया। इस कंसर्ट में चिंतन की परंपरा, भारत की प्रगति और युवाओं की भूमिका पर विचार प्रस्तुत कर वक्ताओं ने विमर्श प्रस्तुत किया। यंग थिंकर्स कंसर्ट में राष्ट्रीय स्तर के विमर्श से जुड़े आशुतोष सिंह ठाकुर आईआईआईटीडीएम जबलपुर ने कहा कि भारत में चिंतन की लंबी परंपरा रही है। आज भी चिंतन की उतनी ही आवश्यकता है , जितनी प्राचीन भारत में थी, लेकिन दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि आज के समय में कोई भी बौद्धिक चिंतन की तरफ ध्यान नहीं दे रहा है। इसका फायदा उठाकर विदेशी ताकत भारत में निरंतर नए-नए हथकंडे अपना कर यहां की जनता में भ्रम का वातावरण पैदा कर रही हैं। भारत को सशक्त बनने से रोकने के लिए ये ताकत भारत में विखंडन का कार्य कर रही है। वे अनेक माध्यमों से दुष्प्रचार का कार्य कर रही है यही कारण है कि इस दुष्प्रचार को रोकने के लिए बड़े पैमाने पर युवाओं को चिंतनशील बनना होगा। उन्होंने यह भी बताया कि देश की अनेक सामाजिक संस्थाएं भी उनके प्रभाव से भारत की शक्ति को रोकने का कार्य कर रही हैं और इस प्रकार की संस्थाओं को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बड़े-बड़े पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं। इसे रोकने के लिए बड़े पैमाने पर विचार विमर्श एवं चिंतन की परंपरा प्रारंभ करने की आवश्यकता है। इस दृष्टि से जबलपुर में 28 और 29 दिसंबर को आयोजित कार्यक्रम में पूरे देश से लोग भाग ले रहे हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय के छात्रों से भी इस कार्यक्रम में भाग लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन व अध्यक्षता डॉ अमरजीत सिंह ने किया। कार्यक्रम में डॉ सूर्य प्रकाश शुक्ला, डॉ यस यस गौतम एवं डॉ वीरेंद्र उपाध्याय के अलावा लगभग ढाई सौ से ज्यादा विद्यार्थियों ने भी हिस्सा लिया।


