मध्य प्रदेश–राजस्थान सीमा पर स्थित ग्राम कादमी में भू-माफियाओं द्वारा राजस्व भूमि पर खड़े बेशकीमती खैर के पेड़ों की बड़े पैमाने पर अवैध कटाई का मामला सामने आया है। प्रशासनिक जानकारी के अनुसार करीब 60 खैर के पेड़ काटे गए हैं, जबकि स्थानीय सूत्रों का दावा है कि यह संख्या 100 से अधिक हो सकती है। सीमावर्ती क्षेत्र होने का फायदा उठाकर लकड़ी माफिया लंबे समय से यहां जंगलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। मामला सामने आने के बाद तहसीलदार रामेश्वर दांगी ने मौके पर पहुंचकर मुआयना किया और पंचनामा तैयार किया। प्रारंभिक जांच में नलखेड़ा क्षेत्र के शाहरुख नामक व्यक्ति की संलिप्तता उजागर हुई है। तहसीलदार ने संबंधित प्रकरण तैयार कर आगामी कार्रवाई के लिए एसडीएम कार्यालय को भेज दिया है। सूत्रों के अनुसार खैर की लकड़ी की बाजार कीमत 50 से 100 रुपए प्रति किलो तक बताई जा रही है। अधिक मुनाफे के लालच में माफिया रात के अंधेरे में मध्य प्रदेश और राजस्थान की सीमा का उपयोग कर लकड़ी की तस्करी कर रहे हैं। सोयत और आसपास के क्षेत्रों में पूर्व में भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जिससे इस अवैध कारोबार में संगठित गिरोह और प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता की आशंका जताई जा रही है।


