ग्राम पंचायत को उदयपुर में शामिल करने का विरोध:ग्रामीण बोले- 1 रुपए का विकास नहीं हुआ; तख्तियों पर लिखा- हम गांव हैं, हमें गांव ही रहने दीजिए

उदयपुर शहर से करीब 10 किलोमीटर दूर कानपुर ग्राम पंचायत को उदयपुर नगर निगम में शामिल करने के विरोध में आज गांव के बाजार बंद रहे। इसके साथ ही, ग्रामीणों ने रैली निकालते हुए उदयपुर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान ग्रामीणों ने अंदर घुसने के लिए बेरिकेड्स को हटाने की कोशिश की। ग्रामीणों ने बाद में प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन देकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्री के बाहर भारी पुलिस बल लगाया गया था। सोमवार दोपहर में कानपुर, खरबडिया, खेड़ा कानपुर, कलड़वास, पारा खेत, भोइयों की पंचोली, मटून, टीलाखेड़ा, कमलोद, डागियो की पंचोली सहित कई गांवों के लोग बड़ी संख्या में ग्रामीण जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे। पहले निकाली वाहन रैली इससे पहले ग्रामीण कानपुर बस स्टैंड पर एकत्रित हुए और वाहन रैली के रूप में उदयपुर आए और कलेक्ट्रेट के आसपास किसान यहां पहुंचे। सुबह से ही कानपुर गांव के बाजार बंद रखते हुए लोगों ने अपना विरोध दर्ज कराया। कानपुर के पूर्व उप सरपंच मदनलाल डांगी ने कहा कि नगर निगम के विरोध में सर्व समाज की ओर से प्रदर्शन किया गया। डांगी ने कहा कि गांव के किसान, पशुपालक, व्यापारी कोई नगर निगम सीमा में नहीं आना चाहता है और इसके विपरीत भी यह निर्णय किया गया जिसका सब विरोध कर रहे हैं। 4 तस्वीरों में देखिए ग्रामीणों का प्रदर्शन… बोले- 1 रुपए का विकास नहीं हुआ पूरे मामले को लेकर ग्रामीणों ने कहा कि कानपुर, खरबडिया, खेड़ा कानपुर सहित 12 गांव का क्षेत्र ग्रीन बेल्ट, वेटलैंड एरिया में है। पूर्व में यूआईटी के पेरापेरी क्षेत्र में इन गांवों को लिया लेकिन एक रुपए का विकास यहां नहीं हुआ है। हमारे गांव में अभी तक कोई बड़ी कॉलोनी या शहरीकरण की ऐसी कोई जरूरत अभी नहीं है। ग्रामीणों ने उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा के प्रति भी गुस्सा जताया कि गांव वालों की बात को सुना नहीं जा रहा है।

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