ग्राम विकास अधिकारी से रिकवरी के आदेश पर रोक:हाई कोर्ट ने ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग से मांगा जवाब

हाई कोर्ट ने ग्राम विकास अधिकारी से 11.10 लाख की रिकवरी करने के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। जस्टिस सुदेश बंसल की अदालत ने ग्राम विकास अधिकारी सुरेश कुमार मीणा की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह रोक लगाई। अदालत ने मामले में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, जिला कलक्टर, जिला परिषद जयपुर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, पंचायत समिति पावटा के ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत पाथरेडी को नोटिस जारी करके जवाब मांगा है। ग्राम सभा में अनुमोदन के बाद हुए काम याचिकाकर्ता के अधिवक्ता प्रदीप कलवानियां ने बताया कि जिन निर्माण कार्यों को निजी खातेदारी की जमीन पर बताकर ग्राम विकास अधिकारी से रिकवरी आदेश जारी किए गए हैं वे सभी काम ग्राम सभा में अनुमोदन के बाद ही पूरे हुए हैं। वहीं हमने कोर्ट को यह भी बताया कि जिन तत्कालीन उप सरपंच ने लोकायुक्त में शिकायत करके निर्माण कार्यों की जांच करवाई। उन्होने ही ग्राम सभा में इन कामों का अनुमोदन का प्रस्ताव रखा था। वहीं उच्चाधिकारियों के अप्रूवल के बाद ही ग्राम पंचायत द्वारा निर्माण कार्य करवाए गए थे, लेकिन फिर भी निर्माण कार्यों की जांच में ग्राम विकास अधिकारी का पक्ष सुने बिना उसके खिलाफ रिकवरी आदेश जारी कर दिए गए। इस पर कोर्ट ने रिकवरी आदेश पर रोक लगा दी।

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