ग्वालियर उपभोक्ता फोरम का बिजली कंपनी पर जुर्माना:लाइन बंद बताकर खुले में छोड़ा था तार, अब डॉक्टर की याचिका पर 50 हजार मुआवजा

ग्वालियर में एक डॉक्टर की याचिका पर सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता आयोग ने बिजली कंपनी पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। आयोग ने कंपनी को 2 हजार रुपए केस व्यय के रूप में देने के भी आदेश दिए हैं। मामला घरेलू बिजली कनेक्शन सुधार के दौरान करंट लगने से जुड़ा है। आयोग ने 45 दिनों के भीतर भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। तय समय में राशि नहीं देने पर 6% वार्षिक ब्याज भी देना होगा। लश्कर क्षेत्र में घरेलू कनेक्शन सुधार के दौरान हादसा यह मामला ग्वालियर के लश्कर इलाके का है। शिकायतकर्ता डॉक्टर पंकज श्रीवास्तव के घर 2014 में घरेलू बिजली कनेक्शन से जुड़ा कार्य किया जा रहा था। आरोप है कि बिजली कंपनी के कर्मचारी और अधिकृत ठेकेदार ने मीटर बदलते समय सर्विस लाइन खुले में छोड़ दी। बिजली आपूर्ति बंद किए बिना ही काम किया जा रहा था। डॉक्टर को बताया गया था कि लाइन में करंट नहीं है। इसी भरोसे पर उन्होंने रास्ते में पड़े तार को हटाने की कोशिश की। तार छूते ही डॉक्टर करंट की चपेट में आ गए। गिरने से सिर, गर्दन और कमर में गंभीर चोटें आईं। लंबे समय तक इलाज चला। कर्मचारी और ठेकेदार मौके से भागे घटना के बाद बिजली का काम कर रहे कर्मचारी और ठेकेदार मौके से चले गए। परिजनों ने लकड़ी के डंडे से तार अलग कर डॉक्टर की जान बचाई। सेवा में कमी मानते हुए कंपनी जिम्मेदार सुनवाई के दौरान आयोग ने माना कि कार्य बिजली कंपनी की जानकारी में हो रहा था। ठेकेदार की लापरवाही के लिए कंपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती। स्थायी विकलांगता और इलाज खर्च के पर्याप्त दस्तावेज नहीं होने के कारण आयोग ने दावा आंशिक रूप से स्वीकार किया। उपभोक्ता आयोग ने बिजली कंपनी को 50 हजार रुपए मुआवजा और 2 हजार रुपए वाद व्यय के रूप में देने के आदेश दिए हैं।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *