ग्वालियर के डिजिटल म्यूजियम में होलोग्राम तानसेन शो 20 से, ऐसा लगेगा जैसे संगीत सम्राट सामने बैठ सुना रहे हों राग मल्हार

संगीत सम्राट तानसेन अब सिर्फ कल्पनाओं तक सीमित नहीं रहेंगे। संगीत प्रेमी न केवल उन्हें देख सकेंगे बल्कि उनके गाए रागों का सजीव अनुभव भी कर सकेंगे। महाराजबाड़ा स्थित डिजिटल म्यूजियम में स्मार्ट सिटी द्वारा तैयार किए गए होलोग्राम तानसेन शो की शुरुआत 20 जनवरी से होगी। दरअसल, होलोग्राम लेजर शो का विकसित रूप है, इसमें दीवार पर नजर आने वाली आकृति सजीव नजर आती है। यह शहर का पहला ऐसा म्यूजियम रहेगा, जिसमे होलोग्राम तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसे गुड़गांव की सस्टेनेबल अल्टरनेटिव प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने शो को डिजाइन किया है। शो के जरिए दर्शक तानसेन को राग मेघ मल्हार, राग मियां की तोड़ी, राग दरबारी और मियां का सारंग गाते हुए देख सकेंगे। हर शो की अवधि 5 मिनट की होगी। शो की शुरुआत मेघ मल्हार से होगी, जिसमें दर्शकों को राग की विशेषताएं, बिजली की कड़क और अन्य प्रभावों का अनुभव होगा। 3500 वर्गफीट में 16 गैलरियां, 7-डी तकनीक का होगा उपयोग डिजिटल म्यूजियम 3500 वर्गफीट क्षेत्र में बनाया गया है। यहां 16 गैलरियों में ग्वालियर की लुप्त हो चुकी कलाओं, परंपराओं, और जीवनशैली को दर्शाया गया है। पहले यह म्यूजियम थ्री-डी तकनीक पर आधारित था, लेकिन अब इसे सेवन-डी तकनीक से लैस किया गया है। इसे दिल्ली के प्रधानमंत्री म्यूजियम की तर्ज पर तैयार किया गया है। साढ़े 7 करोड़ का है यह प्रोजेक्ट इस प्रोजेक्ट पर साढ़े सात करोड़ का खर्च आ रहा है। आगे और भी वीडियो बनाकर दर्शकों के सामने लाए जाएंगे। इससे पहले अटल म्यूजियम और डिजिटल म्यूजियम को आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) से भी लैस किया गया था। जिसमें शहरवासी अटल जी से बात करने का अनुभव प्राप्त कर सकते हैं।

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