ग्वालियर नगर निगम परिषद की बैठक हंगामेदार रही:संपत्ति कर, गोशाला और मारपीट के मुद्दे पर पार्षदों का धरना

गुरुवार को नगर निगम परिषद की बैठक में जोरदार हंगामा हुआ, जिसके बाद इसे चार दिन के लिए स्थगित कर दिया गया। शहर के विकास कार्यों और विभिन्न मुद्दों पर बुलाई गई यह बैठक पार्षदों के धरने और हंगामे की भेंट चढ़ गई। बैठक नौ बिंदुओं पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी, जिनमें संपत्ति कर, विभिन्न इलाकों की सड़कों का विकास और बाल भवन में महापुरुषों की मूर्तियां स्थापित करने के प्रस्ताव शामिल थे। इन प्रस्तावों पर भी भारी हंगामा हुआ। इसके अतिरिक्त, भाजपा पार्षद मनोज यादव के खिलाफ पुलिस अधीक्षक को मारपीट की शिकायत किए जाने का मुद्दा भी गरमाया। इस शिकायत को लेकर भाजपा पार्षदों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इसी मुद्दे पर कई पार्षद धरने पर बैठ गए और आसंदी को घेर लिया, जिससे सदन की कार्रवाई बाधित हुई। बैठक में ग्वालियर की आदर्श गोशाला लाल टिपारा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। गोशालामें गायों की मौत, चंदे में अनियमितताएं और वित्तीय गड़बड़ियों को लेकर पार्षदों ने सवाल उठाए। पार्षदों ने गोशाला में गायों की दुर्दशा दर्शाते हुए मोबाइल से तस्वीरें और वीडियो भी दिखाए। पार्षदों ने आरोप लगाया कि वर्ष 2016 से एक ही ठेकेदार को एकाधिकार के तहत गोशालाका ठेका दिया जा रहा है, जिसमें बड़े पैमाने पर आर्थिक अनियमितताएं हो रही हैं। उनका कहना था कि एक ओर गाय को गौ माता का दर्जा दिया जाता है, वहीं दूसरी ओर गोशाला में गायों की मौत हो रही है और उनके शवों को लापरवाही से फेंका जा रहा है। पार्षदों ने भोजन, निर्माण कार्य और चंदे में बड़े घोटाले का आरोप लगाते हुए मामले की जांच के लिए एक समिति के गठन की मांग की। लगातार हंगामे और पार्षदों के धरने के कारण सभापति मनोज सिंह तोमर ने बैठक को दो बार स्थगित किया। उन्होंने बताया कि मामला गंभीर है, इसलिए इस मुद्दे पर सोमवार को फिर से बैठक बुलाई गई है। इस प्रकार, शहर के विकास मुद्दों पर चर्चा के लिए बुलाई गई यह बैठक एक बार फिर हंगामे की भेंट चढ़ गई।

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